फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Uttarakhand Transport system of Nainital Uttarakhand

पड़ताल: हजारों वाहन...गिनती के जवान, लोगों के हिस्से दिक्कतें और जाम, महज 55 यातायात पुलिसकर्मियों पर जिम्मा

Fri, 25 Sep 2026 11:50 AM IST
Heera समीर बिसारिया
समीर बिसारिया Published by: Heera Updated Fri, 25 Sep 2026 11:50 AM IST
सार

नैनीताल जिले की पूरी यातायात व्यवस्था महज 55 ट्रैफिक कर्मियों पर निर्भर है, जिसमें 3 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 2 सब इंस्पेक्टर, 5 हेड कांस्टेबल, 28 कांस्टेबल और 4 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। 

विज्ञापन
Uttarakhand Transport system of Nainital Uttarakhand
रामपुर रोड टीपी नगर चौराहे के निकट लगे जाम में फंसे वाहन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल जिले की यातायात व्यवस्था का जिम्मा महज 55 ट्रैफिक कर्मियों के कंधों पर है। इनमें तीन ट्रैफिक इंस्पेक्टर, दो ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, पांच हेड कांस्टेबल, 28 कांस्टेबल और चार महिला कांस्टेबल शामिल हैं। शहर के चौराहों से लेकर काठगोदाम और पहाड़ी मार्गों तक यातायात संभालने के लिए उपलब्ध यह सीमित अमला जाम खुलवाने, रूट डायवर्जन, दुर्घटना और वीआईपी ड्यूटी जैसी जिम्मेदारियां भी निभाता है। यही वजह है कि शहर से लेकर पहाड़ तक लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।

विज्ञापन

यातायात पुलिस के सीमित अमले के सामने चुनौती लगातार बढ़ रही है। काठगोदाम-नैनीताल मार्ग पर पीक समय में करीब 1756 और भीमताल रोड पर 938 वाहन प्रति घंटा दर्ज किए गए हैं। पर्यटन सीजन में वाहनों की संख्या और बढ़ जाती है। काठगोदाम, रानीबाग, गुलाबघाटी, भीमताल और भवाली-कैंची धाम क्षेत्र में जाम लगने पर इसी सीमित अमले को मौके पर भेजना पड़ता है। एक स्थान पर ड्यूटी लगने का असर दूसरे क्षेत्र की व्यवस्था पर पड़ता है। पर्यटन सीजन में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और स्थानीय थानों-चौकियों के बल की मदद से व्यवस्था संभालने की कोशिश की जाती है लेकिन यहां भी निराशा ही हाथ लगती है।

विज्ञापन

कागज पर 55, तैनात करीब 42
यातायात विभाग के रिकॉर्ड में भले 55 कर्मियों की संख्या हो लेकिन जाम की स्थिति संभालने के लिए ड्यूटी केवल करीब 42 कर्मियों की ही लगती है। अधिकारियों के अनुसार करीब 5-7 कर्मियों का स्टाफ छुट्टी पर भी रहता है। इसके अलावा बाकी बचे कर्मियों पर जिले के अन्य स्थानों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। ऐसे में व्यवस्था और चरमरा जाती है। हालांकि पर्यटन सीजन में छुट्टियां रद्द कर दी जाती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

लगातार बढ़ता जा रहा दबाव
काठगोदाम से नैनीताल और भीमताल-भवाली जाने वाले पहाड़ी रास्तों पर वाहनों की रफ्तार नहीं, जाम का ग्राफ बढ़ रहा है। वर्ष 2023 में लोक निर्माण विभाग के ट्रैफिक वॉल्यूम सर्वे के मुताबिक काठगोदाम-नैनीताल मार्ग और काठगोदाम-भीमताल मार्ग पर पीक समय में प्रति घंटे करीब 2700 वाहनों का दबाव रहता है। वर्ष 2026 में हुए सर्वे में काठगोदाम-भीमताल मार्ग पर 22000 वाहन प्रतिदिन का आंकड़ा दर्ज हुआ।

जाम के हॉट-स्पॉट- वहां तैनात कर्मी

काठगोदाम-नैनीताल मार्ग

नरीमन तिराहा- 03

कलसिया पुल- 02

गुलाबघाटी- 05

रानीबाग- 03

भुजियाघाट- 04

काठगोदाम-भीमताल मार्ग

एचएमटी तिराहा- 03

भीमताल तिराहा- 03

भीमताल बाजार- 03

विकास भवन- 03

भवाली-कैंची धाम मार्ग

मस्जिद तिराहा भवाली- 04

पाइंस क्षेत्र- 02

कैंची धाम क्षेत्र- 04

नंबर-1 बैंड- 03

क्षमता के अनुसार ट्रैफिक कर्मियों की ड्यूटी पर्यटन सीजन और पीक समय में लगाई जाती है। जिस क्षेत्र में जाम की स्थिति होती है वहां के चौकी-थानों के कर्मियों को भी तैनात किया जाता है। विभाग में कर्मियों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि सड़क का कम चौड़ा होना और प्रति वर्ष तेजी से बढ़ रहे वाहनों का दबाव जाम की समस्या को और भी बढ़ावा देता है। डॉ. जगदीश चंद्रा, एसपी ट्रैफिक नैनीताल
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed