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Pauri News: घेरबाड़ योजना से फसलें हुईं सुरक्षित, किसानों को मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 21 Mar 2026 05:09 PM IST
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जंगली जानवर नहीं पहुंचा रहे नुकसान, खेती के प्रति बढ़ा उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
पौड़ी। पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से जूझ रहे किसानों के लिए कृषि विभाग की घेरबाड़ योजना राहत लेकर आई है। जिला योजना के तहत विभिन्न विकासखंडों में कराए गए फेंसिंग कार्य से अब बड़ी संख्या में किसानों की कृषि भूमि सुरक्षित हो गई है जिससे खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में 102 परियोजनाओं के माध्यम से घेरबाड़ का कार्य कराया गया। इसके लिए कुल 339 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई जिसके अंतर्गत चयनित गांवों में खेतों के चारों ओर मजबूत फेंसिंग की गई। इस योजना से 339 हेक्टेयर कृषि भूमि को सुरक्षित किया गया है। प्रभारी कृषि अधिकारी मनविंदर कौर ने बताया कि एकेश्वर, जयहरीखाल, पोखड़ा, थलीसैंण, खिर्सू, पाबौ समेत कई विकासखंडों में यह कार्य कराया गया। अधिकांश परियोजनाओं में तीन से छह लाख रुपये की लागत से फेंसिंग की गई है जिससे जंगली सुअर, बंदर और अन्य वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा संभव हो सकी। बीरोंखाल के नौगांव गांव के किसान सुशीला देवी, बिक्रम सिंह, जयपाल सिंह और नरेंद्र सिंह ने बताया कि 130 मीटर लंबी घेरबाड़ से करीब 80 खेत सुरक्षित हुए हैं और उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि इस पहल से किसानों की चिंता कम हुई है और भविष्य में भी योजना का विस्तार किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में 102 परियोजनाओं के माध्यम से घेरबाड़ का कार्य कराया गया। इसके लिए कुल 339 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई जिसके अंतर्गत चयनित गांवों में खेतों के चारों ओर मजबूत फेंसिंग की गई। इस योजना से 339 हेक्टेयर कृषि भूमि को सुरक्षित किया गया है। प्रभारी कृषि अधिकारी मनविंदर कौर ने बताया कि एकेश्वर, जयहरीखाल, पोखड़ा, थलीसैंण, खिर्सू, पाबौ समेत कई विकासखंडों में यह कार्य कराया गया। अधिकांश परियोजनाओं में तीन से छह लाख रुपये की लागत से फेंसिंग की गई है जिससे जंगली सुअर, बंदर और अन्य वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा संभव हो सकी। बीरोंखाल के नौगांव गांव के किसान सुशीला देवी, बिक्रम सिंह, जयपाल सिंह और नरेंद्र सिंह ने बताया कि 130 मीटर लंबी घेरबाड़ से करीब 80 खेत सुरक्षित हुए हैं और उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि इस पहल से किसानों की चिंता कम हुई है और भविष्य में भी योजना का विस्तार किया जाएगा।
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