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Pauri News: आठ साल से बदहाल पैदल मार्ग, ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 18 May 2026 07:12 PM IST
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बडियारगढ़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों को प्राचीन श्री घंटाकर्ण देवता मंदिर से जोड़ने वाला खस्ताहा
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- लोस्तु और बडियारगढ़ क्षेत्र के कई गांवों को घंटाकर्ण देवता मंदिर से जोड़ता हे रास्ता
- जल्द घंटाकर्ण देवता की जात आयोजित की जाएगी, श्रद्धालुओं को होगी दिक्कत
कीर्तिनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु और बडियारगढ़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों को प्राचीन श्री घंटाकर्ण देवता मंदिर से जोड़ने वाला पैदल मार्ग पिछले करीब आठ वर्षों से बदहाल स्थिति में है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रघुवीर सिंह भंडारी ने बताया कि वर्ष 2018 में पीएमजीएसवाई के तहत गहड़-देवगड़ी-पल्यापटाला मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस दौरान खोला-घंडियालधार पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। आरोप है कि निर्माण के बाद विभाग की ओर से पैदल मार्ग का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया जिससे ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चे भी आवाजाही करते हैं। बरसात के समय फिसलन और टूटे रास्ते के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी पशुओं को लाने-लेजाने में उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में घंटाकर्ण देवता की जात आयोजित की जानी है। ऐसे में यदि मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो श्रद्धालुओं को दिक्कतें होंगी। ग्रामीण राम सिंह, दीपचंद टम्टा, धीरज बर्तवाल समेत अन्य लोगों ने पीएमजीएसवाई लोनिवि कीर्तिनगर से जल्द पैदल मार्ग का सुधारीकरण किए जाने की मांग की है।
जिस स्थान पर मार्ग क्षतिग्रस्त है वहां पर करीब 20-22 मीटर ऊंचाई है इस कारण दीवार लगाना संभव नहीं है। पास में खेत स्वामी की अनुमति मिलने पर ही निर्माण किया जा सकेगा। इसके लिए ग्रामीणों को भी सहमति बनानी होगी। - वालकृष्ण, अवर अभियंता, पीएमजीएसवाई लोनिवि कीर्तिनगर।
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- जल्द घंटाकर्ण देवता की जात आयोजित की जाएगी, श्रद्धालुओं को होगी दिक्कत
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जिस स्थान पर मार्ग क्षतिग्रस्त है वहां पर करीब 20-22 मीटर ऊंचाई है इस कारण दीवार लगाना संभव नहीं है। पास में खेत स्वामी की अनुमति मिलने पर ही निर्माण किया जा सकेगा। इसके लिए ग्रामीणों को भी सहमति बनानी होगी। - वालकृष्ण, अवर अभियंता, पीएमजीएसवाई लोनिवि कीर्तिनगर।
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