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Pithoragarh News: बदला मौसम तो फिर बढ़ने लगे आर्थराइटिस और निमोनिया के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 20 Mar 2026 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में मौसम का बदला मिजाज लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। फिर से ठंड बढ़ी तो आर्थराइटिस के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बीते कुछ दिनों से हर रोज 40 से अधिक आर्थराइटिस से परेशान मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बीते दिनों गर्मी पड़ने से आर्थराइटिस के मरीजों की संख्या घट गई थी। जिले में अब बारिश के बाद तापमान गिरने से ठंड बढ़ी तो लोग बीमार होने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में जिले के तापमान में पांच डिग्री से अधिक की कमी आई है। बीते शनिवार जिले का अधिकतम तापमान 24 डिग्री था जो अब 16 डिग्री पहुंच गया है। तापमान गिरने से आर्थराइटिस की बीमारी गंभीर रूप ले रही है। बुजुर्गों के साथ ही युवा आस्टियो आर्थराइटिस, रुमेटाइड आर्थराइटिस और गाउट बीमारी से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सीमांत जिले में अधिकतर महिलाएं कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी से जूझ रही हैं।
इसके अलावा मौसम में बदलाव बच्चों को भी बीमार कर रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज 30 से अधिक बच्चे निमोनिया से ग्रसित होकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में बदलाव ही इस बीमारी का कारण है। संवाद
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आर्थराइटिस के लक्षण
घुटने, कंधे, हाथ-पैर में दर्द, जोड़ों में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी, सूजन, खून की कमी होना आदि प्रमुख लक्षण हैं।
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निमोनिया के लक्षण
बुखार, सर्दी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, खांसी, वजन घटना आदि निमोनिया के प्रमुख लक्षण हैं।
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कोट
अस्पताल में आर्थराइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मौसम में बदलाव के चलते यह बीमारी गंभीर रूप ले रही है। मरीजों को पौष्टिक आहार लेने के साथ ही व्यायाम करना जरूरी है।
- डॉ. रवि जोशी, फिजियोथेरेपिस्ट, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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कोट
-मौसम बदलने से बच्चे निमोनिया से ग्रसित हो रहे हैं। बच्चों को ठंड से बचाना जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए।
- डॉ. जेएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बीते दिनों गर्मी पड़ने से आर्थराइटिस के मरीजों की संख्या घट गई थी। जिले में अब बारिश के बाद तापमान गिरने से ठंड बढ़ी तो लोग बीमार होने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में जिले के तापमान में पांच डिग्री से अधिक की कमी आई है। बीते शनिवार जिले का अधिकतम तापमान 24 डिग्री था जो अब 16 डिग्री पहुंच गया है। तापमान गिरने से आर्थराइटिस की बीमारी गंभीर रूप ले रही है। बुजुर्गों के साथ ही युवा आस्टियो आर्थराइटिस, रुमेटाइड आर्थराइटिस और गाउट बीमारी से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सीमांत जिले में अधिकतर महिलाएं कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी से जूझ रही हैं।
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इसके अलावा मौसम में बदलाव बच्चों को भी बीमार कर रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज 30 से अधिक बच्चे निमोनिया से ग्रसित होकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में बदलाव ही इस बीमारी का कारण है। संवाद
आर्थराइटिस के लक्षण
घुटने, कंधे, हाथ-पैर में दर्द, जोड़ों में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी, सूजन, खून की कमी होना आदि प्रमुख लक्षण हैं।
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निमोनिया के लक्षण
बुखार, सर्दी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, खांसी, वजन घटना आदि निमोनिया के प्रमुख लक्षण हैं।
कोट
अस्पताल में आर्थराइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मौसम में बदलाव के चलते यह बीमारी गंभीर रूप ले रही है। मरीजों को पौष्टिक आहार लेने के साथ ही व्यायाम करना जरूरी है।
- डॉ. रवि जोशी, फिजियोथेरेपिस्ट, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
कोट
-मौसम बदलने से बच्चे निमोनिया से ग्रसित हो रहे हैं। बच्चों को ठंड से बचाना जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए।
- डॉ. जेएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़