{"_id":"69c2d7307a00264ea00c8993","slug":"vanraji-youth-murder-four-arrested-including-aunt-and-biological-brother-pithoragarh-news-c-230-1-pth1019-139789-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: वनराजी युवक की हत्या, चाची और सगे भाई सहित चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: वनराजी युवक की हत्या, चाची और सगे भाई सहित चार गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
धारचूला (पिथौरागढ़)। वनराजी गांव भक्तिरवा किमखोला में एक युवक की उसके सगे भाई, चाची और दो चचेरे भाइयों ने मिलकर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जंगल से शव बरामद कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 22 मार्च को कुंदन सिंह (35) का अपनी चाची बसंती देवी (39) से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद में बसंती देवी के बेटे जनक सिंह (25), रमेश सिंह (21) और कुंदन सिंह का सगा भाई प्रदीप सिंह (30) भी शामिल हो गए। विवाद बढ़ने पर इन चारों ने मिलकर कुंदन सिंह पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। अगले दिन 23 मार्च की सुबह आरोपियों ने शव को जंगल में फेंक दिया। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने जौलजीबी थाने में घटना की तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने सोमवार को ही जंगल से कुंदन सिंह का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल भेजा। सीओ केएस रावत ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पारिवारिक विवाद बना हत्या का कारण
थाना प्रभारी जौलजीबी प्रदीप कुमार ने बताया कि मृतक युवक आए दिन परिजनों से झगड़ा करता था, जिसके कारण सगे भाई ने भी चाची और चचेरे भाइयों का साथ दिया। मृतक कुंदन सिंह के दो छोटे बच्चे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
पूरी रात आंगन में पड़ा रहा शव, सुबह होते ही फेंक दिया जंगल में
धारचूला। अपने बेटों के साथ मिलकर भतीजे की हत्या करने के बाद भी चाची को उस पर रहम नहीं आया। यही नहीं हत्या में शामिल सगा भाई का भी दिल नहीं पसीजा। यही कारण है कि कुंदन सिंह का शव पूरी रात घटनास्थल पर पड़ा रहा और उसकी हत्या करने के बाद चारों आरोपी बेफ्रिक होकर गहरी नींद में सोते रहे। सुबह होने पर चारों आरोपियों ने कुंदन सिंह के शव को उठाया और जंगल में फेंककर वापस घर लौट गए।
पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपियों ने पहले कुंदन की हत्या की और बेफ्रिक होकर घरों में लौट गए। जब दूसरे दिन का उजाला हुआ और वे नींद से जागे तो तब उन्हें अपनी करनी का बोध हुआ और पकड़े जाने का डर सताने लगा। सुबह होते ही चारों शव को उठाकर इसे ठिकाने लगाने जंगल की तरफ चल दिए। जंगल में झिपुखोला गधेरे में चारों ने शव को पत्थरों और मिट्टी में छिपा दिया और घर लौट आए। जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची तो वे गांव में ही मौजूद मिले। मृतक का सगा भाई, दो चचेरे भाई आरोपी बसंती के घर पर ही मिले। विलुप्त हो रहे वनराजी समुदाय के बीच हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी है।
Trending Videos
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 22 मार्च को कुंदन सिंह (35) का अपनी चाची बसंती देवी (39) से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद में बसंती देवी के बेटे जनक सिंह (25), रमेश सिंह (21) और कुंदन सिंह का सगा भाई प्रदीप सिंह (30) भी शामिल हो गए। विवाद बढ़ने पर इन चारों ने मिलकर कुंदन सिंह पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। अगले दिन 23 मार्च की सुबह आरोपियों ने शव को जंगल में फेंक दिया। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने जौलजीबी थाने में घटना की तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने सोमवार को ही जंगल से कुंदन सिंह का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल भेजा। सीओ केएस रावत ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पारिवारिक विवाद बना हत्या का कारण
थाना प्रभारी जौलजीबी प्रदीप कुमार ने बताया कि मृतक युवक आए दिन परिजनों से झगड़ा करता था, जिसके कारण सगे भाई ने भी चाची और चचेरे भाइयों का साथ दिया। मृतक कुंदन सिंह के दो छोटे बच्चे हैं।
पूरी रात आंगन में पड़ा रहा शव, सुबह होते ही फेंक दिया जंगल में
धारचूला। अपने बेटों के साथ मिलकर भतीजे की हत्या करने के बाद भी चाची को उस पर रहम नहीं आया। यही नहीं हत्या में शामिल सगा भाई का भी दिल नहीं पसीजा। यही कारण है कि कुंदन सिंह का शव पूरी रात घटनास्थल पर पड़ा रहा और उसकी हत्या करने के बाद चारों आरोपी बेफ्रिक होकर गहरी नींद में सोते रहे। सुबह होने पर चारों आरोपियों ने कुंदन सिंह के शव को उठाया और जंगल में फेंककर वापस घर लौट गए।
पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपियों ने पहले कुंदन की हत्या की और बेफ्रिक होकर घरों में लौट गए। जब दूसरे दिन का उजाला हुआ और वे नींद से जागे तो तब उन्हें अपनी करनी का बोध हुआ और पकड़े जाने का डर सताने लगा। सुबह होते ही चारों शव को उठाकर इसे ठिकाने लगाने जंगल की तरफ चल दिए। जंगल में झिपुखोला गधेरे में चारों ने शव को पत्थरों और मिट्टी में छिपा दिया और घर लौट आए। जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची तो वे गांव में ही मौजूद मिले। मृतक का सगा भाई, दो चचेरे भाई आरोपी बसंती के घर पर ही मिले। विलुप्त हो रहे वनराजी समुदाय के बीच हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी है।