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Pithoragarh News: झूलाघाट में तीन माह से खून जांच केंद्र बंद, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 05 Apr 2026 10:39 PM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल सीमा से लगे झूलाघाट के अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन माह से खून जांच केंद्र बंद है जिसके चलते हजारों की आबादी परेशान है। लोगों को करीब 35 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पिथौरागढ़ के कुछ स्वास्थ्य केंद्रों के साथ झूलाघाट अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी चंदन डायग्नोस्टिक का खून जांच केंद्र संचालित किया जा रहा था जो तीन माह पूर्व अचानक बंद कर दिया गया। इससे पूर्व क्षेत्र की जनता को झूलाघाट में ही निशुल्क खून जांच की सुविधा मिल रही थी लेकिन अब झूलाघाट कस्बे के साथ ही बनाड़ा, कानड़ी, सिमू, बलतड़ी, गेठीगाड़ा, तालेश्वर, खोलाकट्यानी, खर्कतड़ी, अमतड़ी, रणवा, तड़ीगांव, खरक्यूड़ा, जामिरपानी, मजिरकांडा, ग्वांली, बसौड़ आदि गांवों के लोगों को खून की जांच कराने के लिए पिथौरागढ़ दौड़ना पड़ रहा है। परेशान क्षेत्रवासियों ने झूलाघाट स्वास्थ्य केंद्र में ही जल्द खून की सुविधा पुनः उपलब्ध कराने की मांग की है।
कोट
खून जांच केंद्र बंद होने से बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्वास्थ्य की समस्या के कारण वह पिथौरागढ़ जाने में असमर्थ हैं। - चंद्रशेखर भट्ट, सरपंच वन पंचायत मजिरकांडा
- एकाएक यह सुविधा बंद कर देने से ग्रामीण परेशान हैं। झूलाघाट में खून जांच केंद्र पुनः चालू किया जाना चाहिए जिससे कि जरूरतमंदों को भटकना न पड़े। - हरीशचंद, निवासी बलतड़ी
- झूलाघाट-जौलजीबी सड़क के आसपास के गांवों के लोगों के लिए एकमात्र नजदीकी अस्पताल झूलाघाट है लेकिन खून जांच बंद होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - प्रकाश बिष्ट, निवासी अमतड़ी
- सीमांत और दूरस्थ क्षेत्र के लोगों के लिए झूलाघाट में ही खून जांच की सुविधा से काफी राहत थी लेकिन इसे बंद कर देने से क्षेत्रवासी खुद का ठगा महसूस कर रहे हैं। - भूपेंद्र गोबाड़ी, निवासी गेठीगाड़ा
कोट
- क्षेत्रवासियों की समस्या के बाबत हमने चंदन चंदन डायग्नोस्टिक को लिखकर दिया है जिस पर उन्होंने जल्द खून जांच की सुविधा उपलब्ध कराने को आश्वस्त किया है। - डॉ. एसएस नबियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
अब जिला अस्पताल में एकमात्र फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज
चंपावत। जिला अस्पताल में अब एकमात्र फिजिशियन के सहारे मरीजों का इलाज होगा। अस्पताल में तैनात दूसरे फिजिशियन सोमवार को उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए। ऐसे में भीड़ अधिक होने पर मरीजों को इलाज मिलना आसान नहीं होगा।
जिला अस्पताल में वर्तमान में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजय कुमार और डॉ. दीपक रावत मरीजों का इलाज करते आ रहे हैं। उनके पास 150 से अधिक बुखार, सर्दी, खांसी, संक्रमण, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, पेट की समस्याओं और मौसमी बीमारियों का इलाज कराने के लिए मरीज आते हैं।
प्रारंभिक जांच के बाद जरूरी दवा और आवश्यकतानुसार रेफरल की सलाह देते हैं। दो फिजिशियन होने के चलते मरीजों को भी राहत मिलती है लेकिन अब फिजिशियन डॉ. दीपक रावत चिकित्सा की उच्च पढ़ाई के लिए सोमवार को दिल्ली रवाना हो रहे हैं।
वह तीन साल तक अपनी पढ़ाई करेंगे। ऐसे में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजय पर मरीजों को देखने का जिम्मा होगा। दो फिजिशियन होने पर एक के अवकाश पर होने पर भी मरीजों को इलाज मिल जाता था लेकिन अब ऐसा संभव नहीं हो पाएगा।
पीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने बताया कि फिजिशियन डॉ. दीपक रावत उच्च शिक्षा के लिए जा रहे हैं। अस्पताल में तैनात दूसरे फिजिशियन डॉ. अजय मरीजों का इलाज करेंगे। समस्या होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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पिथौरागढ़ के कुछ स्वास्थ्य केंद्रों के साथ झूलाघाट अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी चंदन डायग्नोस्टिक का खून जांच केंद्र संचालित किया जा रहा था जो तीन माह पूर्व अचानक बंद कर दिया गया। इससे पूर्व क्षेत्र की जनता को झूलाघाट में ही निशुल्क खून जांच की सुविधा मिल रही थी लेकिन अब झूलाघाट कस्बे के साथ ही बनाड़ा, कानड़ी, सिमू, बलतड़ी, गेठीगाड़ा, तालेश्वर, खोलाकट्यानी, खर्कतड़ी, अमतड़ी, रणवा, तड़ीगांव, खरक्यूड़ा, जामिरपानी, मजिरकांडा, ग्वांली, बसौड़ आदि गांवों के लोगों को खून की जांच कराने के लिए पिथौरागढ़ दौड़ना पड़ रहा है। परेशान क्षेत्रवासियों ने झूलाघाट स्वास्थ्य केंद्र में ही जल्द खून की सुविधा पुनः उपलब्ध कराने की मांग की है।
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खून जांच केंद्र बंद होने से बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्वास्थ्य की समस्या के कारण वह पिथौरागढ़ जाने में असमर्थ हैं। - चंद्रशेखर भट्ट, सरपंच वन पंचायत मजिरकांडा
- एकाएक यह सुविधा बंद कर देने से ग्रामीण परेशान हैं। झूलाघाट में खून जांच केंद्र पुनः चालू किया जाना चाहिए जिससे कि जरूरतमंदों को भटकना न पड़े। - हरीशचंद, निवासी बलतड़ी
- झूलाघाट-जौलजीबी सड़क के आसपास के गांवों के लोगों के लिए एकमात्र नजदीकी अस्पताल झूलाघाट है लेकिन खून जांच बंद होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - प्रकाश बिष्ट, निवासी अमतड़ी
- सीमांत और दूरस्थ क्षेत्र के लोगों के लिए झूलाघाट में ही खून जांच की सुविधा से काफी राहत थी लेकिन इसे बंद कर देने से क्षेत्रवासी खुद का ठगा महसूस कर रहे हैं। - भूपेंद्र गोबाड़ी, निवासी गेठीगाड़ा
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- क्षेत्रवासियों की समस्या के बाबत हमने चंदन चंदन डायग्नोस्टिक को लिखकर दिया है जिस पर उन्होंने जल्द खून जांच की सुविधा उपलब्ध कराने को आश्वस्त किया है। - डॉ. एसएस नबियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
अब जिला अस्पताल में एकमात्र फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज
चंपावत। जिला अस्पताल में अब एकमात्र फिजिशियन के सहारे मरीजों का इलाज होगा। अस्पताल में तैनात दूसरे फिजिशियन सोमवार को उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए। ऐसे में भीड़ अधिक होने पर मरीजों को इलाज मिलना आसान नहीं होगा।
जिला अस्पताल में वर्तमान में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजय कुमार और डॉ. दीपक रावत मरीजों का इलाज करते आ रहे हैं। उनके पास 150 से अधिक बुखार, सर्दी, खांसी, संक्रमण, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, पेट की समस्याओं और मौसमी बीमारियों का इलाज कराने के लिए मरीज आते हैं।
प्रारंभिक जांच के बाद जरूरी दवा और आवश्यकतानुसार रेफरल की सलाह देते हैं। दो फिजिशियन होने के चलते मरीजों को भी राहत मिलती है लेकिन अब फिजिशियन डॉ. दीपक रावत चिकित्सा की उच्च पढ़ाई के लिए सोमवार को दिल्ली रवाना हो रहे हैं।
वह तीन साल तक अपनी पढ़ाई करेंगे। ऐसे में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजय पर मरीजों को देखने का जिम्मा होगा। दो फिजिशियन होने पर एक के अवकाश पर होने पर भी मरीजों को इलाज मिल जाता था लेकिन अब ऐसा संभव नहीं हो पाएगा।
पीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने बताया कि फिजिशियन डॉ. दीपक रावत उच्च शिक्षा के लिए जा रहे हैं। अस्पताल में तैनात दूसरे फिजिशियन डॉ. अजय मरीजों का इलाज करेंगे। समस्या होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।