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पिथौरागढ़: अब 14,500 फीट की ऊंचाई पर भी वाहनों की कतार, आदि कैलाश में पहली बार लगा जाम, श्रद्धालु परेशान

Mon, 05 Oct 2026 04:36 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: Heera Updated Mon, 05 Oct 2026 04:36 PM IST
सार

कुमाऊं के जागेश्वर, कैंची धाम और नैनीताल जैसे पर्यटक स्थलों पर जाम की समस्या आम है। अब पहली बार उच्च हिमालयी क्षेत्र में 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में भी जाम की समस्या सामने आई है। 

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Jam occurred for the first time in Adi Kailash
आदि कैलाश

विस्तार

 

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कुमाऊं के जागेश्वर, कैंची धाम, नैनीताल आदि पर्यटक स्थलों पर जाम की समस्या आम है। ऐसा पहली बार हुआ है जब उच्च हिमालयी क्षेत्र में 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में भी जाम की समस्या सामने आई है।

यूं तो जागेश्वर, कैंची धाम, सरोवर नगरी नैनीताल में जाम की समस्या गंभीर है। अब पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र के आदि कैलाश में श्रद्धालु जाम की समस्या से जूझने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश में आने के बाद इसे पूरे विश्व में नई पहचान मिली। नतीजतन आदि कैलाश में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार उछाल आया है।

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पर्यटन विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023 में 10,079 और वर्ष 2024 में 29,423 यात्री भगवान शिव के वास स्थल आदि कैलाश पहुंचे। वर्ष 2025 में देश के विभिन्न हिस्सों से 31,558 यात्रियों ने आदि कैलाश के दर्शन किए हैं। इस साल अब तक 61,950 इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। यात्रियों और वाहनों का दबाव बढ़ते ही उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित आदि कैलाश में भी जाम की समस्या सामने आने लगी है इसने शासन-प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आदि कैलाश क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतार लग रही है और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।

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बर्फबारी भी बनी जाम का कारण
आदि कैलाश में बीते दिनों भारी बर्फबारी हुई। सड़क पर भी तीन से चार फीट बर्फ गिरी। बीआरओ ने बमुश्किल जेसीबी से बर्फ हटाकर सड़क पर आवाजाही सुचारू कराई। सड़क किनारे बर्फ जमा होने से इसकी चौड़ाई कम हो गई है। ऐसे में बर्फबारी भी आदि कैलाश क्षेत्र में जाम का कारण बनी है। 

सड़क बेहतर होने से वाहनों की आवाजाही हुई आसान
आदि कैलाश मार्ग पर चीन सीमा तक भी पहुंच आसान बनाता है। पर्यटन और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस सड़क को बीआरओ ने बेहतर बनाया है। डामरीकरण होने से इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही आसान हुई है। ऐसे में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु सुगम सफर कर आदि कैलाश पहुंच रहे हैं इससे क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ़ गया है हालांकि अब भी इस मार्ग पर ऐलागाड़, कुलागाड़, एस बैंड, मलघाट सहित कई स्थानों पर बने डेंजर जोन यात्रियों की परीक्षा भी ले रहे हैं।

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