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Pithoragarh News: आयुष विंग में तीन दिन से ओपीडी बंद, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:13 PM IST
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जिला अस्पताल में आयुष विंग खुला रहा डॉक्टर मौजूद नहीं थे। संवाद
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल के आयुष विंग में ओपीडी पिछले तीन दि से बंद है। मरीज बिना इलाज कराए बैरंग लौट रहे हैं।
राजकीय आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा सेवा संघ अपनी सात सूत्रीय मांगों के लिए बीते मंगलवार से आंदोलन कर रहा है। पिथौरागढ़ जिले से भी कई चिकित्सक आंदोलन में शामिल होने देहरादून में हैं। जिला अस्पताल के आयुष विंग में फार्मासिस्ट का पद भी दो साल से रिक्त है। ऐसे में बिना डॉक्टर के मरीजों को कोई दवा देने वाला भी नहीं है। इसके चलते आयुष विंग की ओपीडी बंद है, जिस कारण रोजाना अनकों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के आयुष विंग में इलाज कराने के लिए पिथौरागढ़ जिले के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से मरीज आते हैं। आयुष विंग में अधिकतर मरीज चर्म रोग और पेट संबंधी बीमारी का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात चर्म रोग विशेषज्ञ की जब से धारचूला में तैनाती की गई है तब से चर्म रोग संबंधी मरीज आयुष विंग पर निर्भर हैं। जिला अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद पिछले करीब छह माह से रिक्त है। पूर्व में जिला अस्पताल के चर्म रोग विभाग में 70 से अधिक ओपीडी होती थीं लेकिन अब चर्म रोग विशेषज्ञ के अभाव में रोजाना आयुष विंग में चर्म संबंधी बीमारी के उपचार के लिए करीब 30 मरीज पहुंच रहे हैं और ओपीडी 40-45 के बीच रहती है।
-- -- -कोट-- --
आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और कब तक काम पर लौटेंगे कहा नहीं जा सकता। इसके चलते सभी जगह ओपीडी बंद हैं। - चंद्रकला भैंसोड़ा, जिला आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी
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राजकीय आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा सेवा संघ अपनी सात सूत्रीय मांगों के लिए बीते मंगलवार से आंदोलन कर रहा है। पिथौरागढ़ जिले से भी कई चिकित्सक आंदोलन में शामिल होने देहरादून में हैं। जिला अस्पताल के आयुष विंग में फार्मासिस्ट का पद भी दो साल से रिक्त है। ऐसे में बिना डॉक्टर के मरीजों को कोई दवा देने वाला भी नहीं है। इसके चलते आयुष विंग की ओपीडी बंद है, जिस कारण रोजाना अनकों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के आयुष विंग में इलाज कराने के लिए पिथौरागढ़ जिले के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से मरीज आते हैं। आयुष विंग में अधिकतर मरीज चर्म रोग और पेट संबंधी बीमारी का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात चर्म रोग विशेषज्ञ की जब से धारचूला में तैनाती की गई है तब से चर्म रोग संबंधी मरीज आयुष विंग पर निर्भर हैं। जिला अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद पिछले करीब छह माह से रिक्त है। पूर्व में जिला अस्पताल के चर्म रोग विभाग में 70 से अधिक ओपीडी होती थीं लेकिन अब चर्म रोग विशेषज्ञ के अभाव में रोजाना आयुष विंग में चर्म संबंधी बीमारी के उपचार के लिए करीब 30 मरीज पहुंच रहे हैं और ओपीडी 40-45 के बीच रहती है।
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आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और कब तक काम पर लौटेंगे कहा नहीं जा सकता। इसके चलते सभी जगह ओपीडी बंद हैं। - चंद्रकला भैंसोड़ा, जिला आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी