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Pithoragarh News: ओल्ड लिपुपास से बड़ा कैलाश के दर्शन की अनुमति मांगी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:42 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। डीएम आशीष भटगांई के बीते मंगलवार को धारचूला भ्रमण के दौरान व्यास टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष प्रवेश सिंह नबियाल ने यात्रियों को ओल्ड लिपुपास से बड़ा कैलाश पर्वत के दर्शन करने की अनुमति दिए जाने की मांग उठाई।
नबियाल ने बताया कि ओल्ड लिपुपास से कैलाश पर्वत दर्शन को लेकर काफी संख्या में यात्री पूछताछ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में यदि नाभीढांग में एक चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती की जाती है तो सेना अनुमति दे सकती है। डीएम ने भरोसा दिलाया कि वह इस संबंध में सेना के अधिकारियों से वार्ता करेंगे। पिछले वर्ष करीब 10 हजार यात्रियों ने ओल्ड लिपुपास से कैलाश पर्वत के दर्शन किए। बता दें कि ओल्ड लिपुपास करीब 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां काफी तेज हवाएं चलती है। इसके चलते यात्रियों को कम समय तक ही वहां रुकने की अनुमति दी जाती है।
शिव-पार्वती मंदिर के पुजारी कुटी रवाना
आदि कैलाश यात्रा को देखते हुए व्यास घाटी के कुटी के ग्रामीण गांव के लिए रवाना हो गए हैं। ज्योलिंगकांग स्थित शिव-पार्वती मंदिर के पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल, वीरेंद्र सिंह, प्रधान नगेंद्र सिंह और आदि कैलाश मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष पुनीत कुटियाल आदि गांव में पहुंच गए हैं। एक मई को रं परंपरा के अनुसार मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि बर्फ गिरने से अभी गांव में काफी ठंड हो रही है।
फोटो 29 पीटीएच 17 पी- ओल्ड लिपुपास से कैलाश दर्शन। स्रोत : ग्रामीण
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नबियाल ने बताया कि ओल्ड लिपुपास से कैलाश पर्वत दर्शन को लेकर काफी संख्या में यात्री पूछताछ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में यदि नाभीढांग में एक चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती की जाती है तो सेना अनुमति दे सकती है। डीएम ने भरोसा दिलाया कि वह इस संबंध में सेना के अधिकारियों से वार्ता करेंगे। पिछले वर्ष करीब 10 हजार यात्रियों ने ओल्ड लिपुपास से कैलाश पर्वत के दर्शन किए। बता दें कि ओल्ड लिपुपास करीब 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां काफी तेज हवाएं चलती है। इसके चलते यात्रियों को कम समय तक ही वहां रुकने की अनुमति दी जाती है।
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शिव-पार्वती मंदिर के पुजारी कुटी रवाना
आदि कैलाश यात्रा को देखते हुए व्यास घाटी के कुटी के ग्रामीण गांव के लिए रवाना हो गए हैं। ज्योलिंगकांग स्थित शिव-पार्वती मंदिर के पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल, वीरेंद्र सिंह, प्रधान नगेंद्र सिंह और आदि कैलाश मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष पुनीत कुटियाल आदि गांव में पहुंच गए हैं। एक मई को रं परंपरा के अनुसार मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि बर्फ गिरने से अभी गांव में काफी ठंड हो रही है।
फोटो 29 पीटीएच 17 पी- ओल्ड लिपुपास से कैलाश दर्शन। स्रोत : ग्रामीण
