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Pithoragarh News: कनालीछीना में आफत बनकर बरसी बारिश, दुकानों में घुसा मलबा
Wed, 05 Aug 2026 01:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 05 Aug 2026 01:06 AM IST
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कनालीछीना मुख्य बाजार में अपनी दुकानों में घुसे मलबे को साफ करते व्यापारी।
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पिथौरागढ़। कनालीछीना क्षेत्र में बारिश आफत बनकर बरसी। मुख्य बाजार में छह से अधिक दुकानों में पानी और मलबा घुसने से कारोबारियों को खासा नुकसान झेलना पड़ा है। वहीं सिरोली गांव में सुरक्षा दीवार ढहने से तीन मकान खतरे की जद में आ गए हैं।
धारचूला हाईवे पर कनालीछीना बाजार में सिस्टम की लापरवाही कारोबारियों पर भारी पड़ी है। हाईवे पर कलवर्ट बंद कर दिए गए हैं इन्हें लगातार मांग के बाद नहीं खोला गया। सोमवार की रात हुई भारी बारिश के बाद कलवर्ट बंद होने से ब्लॉक मार्ग सहित हाईवे में बहने वाला पानी अपने साथ भारी मात्रा में मलबा बहा लाया। मुख्य बाजार में हाईवे किनारे संचालित संजय भंडारी, गोविंद कापड़ी, भूपेंद्र भंडारी, त्रिलोचन उपाध्याय, लक्की भंडारी, नीरज भंडारी की दुकानों में पानी और मलबा घुसने से इनमें रखा राशन, चीनी सहित अन्य सामग्री बर्बाद हो गई।
जब व्यापारी मंगलवार सुबह अपने प्रतिष्ठानों में पहुंचे तो सिस्टम की लापरवाही से दुकानों में घुसे पानी और मलबे को देखकर उनका दर्द छलक पड़ा। कारोबारियों का कहना है कि कलवर्ट बंद होने से हर मानसून काल उनकी दुकानों में मलबा और पानी घुस रहा है। बीआरओ न तो बंद कलवर्ट खोल रहा है और ना ही पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण कर रहा है। कारोबारियों की सूचना पर राजस्व की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन किया।
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भरभराकर गिर गई आंगन की सुरक्षा दीवार
पिथौरागढ़। कनालीछीना मुख्य बाजार के पास सिरोली गांव में भारी बारिश के बाद सुरक्षा दीवार ढहने से तीन मकान खतरे की जद में आ गए हैं। जीवंती देवी, जगदीश कुमार और अनिल कुमार के आंगन की सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। आवाज सुनकर प्रभावित परिवारों के लोग घरों से बाहर निकले और पूरी रात बारिश के बीच मकानों की निगरानी करते रहे। सूचना पर राजस्व की टीम ने निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। प्रभावितों ने प्रशासन ने जल्द सुरक्षा के इंतजाम करने की गुहार लगाई है। संवाद
दुकानदारों को हुआ लाखों का नुकसान
कनालीछीना मुख्य बाजार में बीआरओ की लापरवाही से छह दुकानों में मलबा और पानी घुसने से दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। राजस्व की टीम ने भले ही दुकानों का निरीक्षण किया है लेकिन अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आपदा से हुए नुकसान के मुआवजे का नियम नहीं है। ऐसा कहकर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और इस घटना का जिम्मेदार बीआरओ चुप है। ऐसे में इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा संबंधित दुकानदार इस चिंता में डूबे हैं।
बोले प्रभावित दुकानदार
बीआरओ और प्रशासन की लापरवाही से हमारी दुकानों में पानी और मलबा घुसा है। हम सालों से बंद कलवर्ट खोलने, नाली निकास और रोड की ढलान नाली की तरफ करने की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। -त्रिलोचन उपाध्याय
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हम हर मानसूनकाल इस तरह की दिक्कत झेलते हैं। इस बार भी सिस्टम की लापरवाही से हमें खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है। बीआरओ बंद कलवर्ट न खोलकर आपदा का कारण बन रहा है। इसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - संजय भंडारी
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हम दुकान का संचालन कर रोजगार कर रहे हैं। सिस्टम हमसे रोजगार छीनने में लगा है। यदि बंद कलवर्ट खोले जाते और उचित नाली निकास होता तो हमारी दुकानों में मलबा और पानी नहीं घुसता। - गोविंद कापड़ी
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राजस्व उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह बथियाल ने बताया कि कनालीछीना मुख्य बाजार में कई दुकानों में मलबा और पानी घुस गया। निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में मलबा घुसने से हुए नुकसान का मुआवजा देने का नियम नहीं है। सिरोली गांव में भी खतरे में आए मकानों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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धारचूला हाईवे पर कनालीछीना बाजार में सिस्टम की लापरवाही कारोबारियों पर भारी पड़ी है। हाईवे पर कलवर्ट बंद कर दिए गए हैं इन्हें लगातार मांग के बाद नहीं खोला गया। सोमवार की रात हुई भारी बारिश के बाद कलवर्ट बंद होने से ब्लॉक मार्ग सहित हाईवे में बहने वाला पानी अपने साथ भारी मात्रा में मलबा बहा लाया। मुख्य बाजार में हाईवे किनारे संचालित संजय भंडारी, गोविंद कापड़ी, भूपेंद्र भंडारी, त्रिलोचन उपाध्याय, लक्की भंडारी, नीरज भंडारी की दुकानों में पानी और मलबा घुसने से इनमें रखा राशन, चीनी सहित अन्य सामग्री बर्बाद हो गई।
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जब व्यापारी मंगलवार सुबह अपने प्रतिष्ठानों में पहुंचे तो सिस्टम की लापरवाही से दुकानों में घुसे पानी और मलबे को देखकर उनका दर्द छलक पड़ा। कारोबारियों का कहना है कि कलवर्ट बंद होने से हर मानसून काल उनकी दुकानों में मलबा और पानी घुस रहा है। बीआरओ न तो बंद कलवर्ट खोल रहा है और ना ही पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण कर रहा है। कारोबारियों की सूचना पर राजस्व की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन किया।
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भरभराकर गिर गई आंगन की सुरक्षा दीवार
पिथौरागढ़। कनालीछीना मुख्य बाजार के पास सिरोली गांव में भारी बारिश के बाद सुरक्षा दीवार ढहने से तीन मकान खतरे की जद में आ गए हैं। जीवंती देवी, जगदीश कुमार और अनिल कुमार के आंगन की सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। आवाज सुनकर प्रभावित परिवारों के लोग घरों से बाहर निकले और पूरी रात बारिश के बीच मकानों की निगरानी करते रहे। सूचना पर राजस्व की टीम ने निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। प्रभावितों ने प्रशासन ने जल्द सुरक्षा के इंतजाम करने की गुहार लगाई है। संवाद
दुकानदारों को हुआ लाखों का नुकसान
कनालीछीना मुख्य बाजार में बीआरओ की लापरवाही से छह दुकानों में मलबा और पानी घुसने से दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। राजस्व की टीम ने भले ही दुकानों का निरीक्षण किया है लेकिन अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आपदा से हुए नुकसान के मुआवजे का नियम नहीं है। ऐसा कहकर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और इस घटना का जिम्मेदार बीआरओ चुप है। ऐसे में इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा संबंधित दुकानदार इस चिंता में डूबे हैं।
बोले प्रभावित दुकानदार
बीआरओ और प्रशासन की लापरवाही से हमारी दुकानों में पानी और मलबा घुसा है। हम सालों से बंद कलवर्ट खोलने, नाली निकास और रोड की ढलान नाली की तरफ करने की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। -त्रिलोचन उपाध्याय
हम हर मानसूनकाल इस तरह की दिक्कत झेलते हैं। इस बार भी सिस्टम की लापरवाही से हमें खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है। बीआरओ बंद कलवर्ट न खोलकर आपदा का कारण बन रहा है। इसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - संजय भंडारी
हम दुकान का संचालन कर रोजगार कर रहे हैं। सिस्टम हमसे रोजगार छीनने में लगा है। यदि बंद कलवर्ट खोले जाते और उचित नाली निकास होता तो हमारी दुकानों में मलबा और पानी नहीं घुसता। - गोविंद कापड़ी
राजस्व उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह बथियाल ने बताया कि कनालीछीना मुख्य बाजार में कई दुकानों में मलबा और पानी घुस गया। निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में मलबा घुसने से हुए नुकसान का मुआवजा देने का नियम नहीं है। सिरोली गांव में भी खतरे में आए मकानों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।