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Pithoragarh News: जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों के सहयोग से कार्य करने में सफल रहे राजेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:40 PM IST
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राजेंद्र बिष्ट।
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। जल ही जीवन है। यह नारा जगह-जगह लिखा दिख जाता है, परंतु इसे पढ़कर आत्मसात करते हुए जीवन और पर्यावरण को बचाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाने वाले कम ही लोग होते हैं। इन्ही लोगों में शामिल हैं हिमालय ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, जिन्होंने पर्यावरण को संवारने-सहेजने के लिए जल संरक्षण और जल संवर्धन के क्षेत्र में कई काम किए। उनके कामों से जिलेभर में लोग लाभान्वित हुए हैं।
गंगोलीहाट स्थित हिमालय ग्राम विकास समिति को आधार बनाकर राजेंद्र ने पिछले 30 वर्षों में अनेक गांवों के लिए पेयजल योजनाएं बनाईं। जहां पानी के स्रोत नहीं थे, वहां वर्ष का जल संरक्षित किया। अपनी लगन से उन्होंने 7000 फीट की ऊंचाई पर बसे भामा गांव में भी वर्षा जल एकत्रित कर पेयजल उपलब्ध कराया। राजेंद्र बताते हैं कि संस्था और ग्रामीणों के सहयोग से कई कठिन कार्य करने में सफल रहे हैं। आने वाले समय में भी वह ऐसी चुनौतियां स्वीकार करते रहेंगे। संवाद
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संस्था के साथ मिल राजेंद्र ने किए अनेक काम
संस्था के साथ मिलकर राजेंद्र ने वर्ष 1996 से लेकर 2014 तक 18 वर्षों में 75 गांव के 3936 परिवारों के लिए 101 पेयजल योजनाएं बनवाईं, जिसमें से 92 योजनाएं पूर्ण रूप से जबकि 9 आंशिक रूप से जलापूर्ति कर रही हैं। जनपद के हुपली, नाचनी, चचना, अदलेख गांव के 275 परिवारों को व्यक्तिगत जल संयोजन उपलब्ध कराया गया।
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जिले के कई इलाकों के लोग हुए लाभान्वित
बारिश के पानी को संरक्षित कर मुनस्यारी के गोकुलधूरा, बेरिंग ब्लॉक के चौकड़ी, राई गडस्यारी में बड़े-बड़े टैंक बनावाए गए हैं। डीडीहाट के सिराकोट, पिथौरागढ़ के थलकेदार आदि जगहों पर नौ-नौ हजार लीटर के 137 टैंक पेयजल और 210 टैंक खेती के लिए बनाए गए। 6500 फीट की ऊंचाई पर बसे नाग गांव में बारिश के पानी के लिए टैंक बना दर्जनों परिवारों को लाभान्वित किया गया है। 34 गांव में 152 चाल-खाल का निर्माण करवाया। गंगोलीहाट के उप्राडा में 25000 लीटर और जल टोला में एक करोड़ लीटर की झील का निर्माण किया गया।
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संस्था के साथ मिल राजेंद्र ने किए अनेक काम
संस्था के साथ मिलकर राजेंद्र ने वर्ष 1996 से लेकर 2014 तक 18 वर्षों में 75 गांव के 3936 परिवारों के लिए 101 पेयजल योजनाएं बनवाईं, जिसमें से 92 योजनाएं पूर्ण रूप से जबकि 9 आंशिक रूप से जलापूर्ति कर रही हैं। जनपद के हुपली, नाचनी, चचना, अदलेख गांव के 275 परिवारों को व्यक्तिगत जल संयोजन उपलब्ध कराया गया।
जिले के कई इलाकों के लोग हुए लाभान्वित
बारिश के पानी को संरक्षित कर मुनस्यारी के गोकुलधूरा, बेरिंग ब्लॉक के चौकड़ी, राई गडस्यारी में बड़े-बड़े टैंक बनावाए गए हैं। डीडीहाट के सिराकोट, पिथौरागढ़ के थलकेदार आदि जगहों पर नौ-नौ हजार लीटर के 137 टैंक पेयजल और 210 टैंक खेती के लिए बनाए गए। 6500 फीट की ऊंचाई पर बसे नाग गांव में बारिश के पानी के लिए टैंक बना दर्जनों परिवारों को लाभान्वित किया गया है। 34 गांव में 152 चाल-खाल का निर्माण करवाया। गंगोलीहाट के उप्राडा में 25000 लीटर और जल टोला में एक करोड़ लीटर की झील का निर्माण किया गया।