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Pithoragarh News: तकलाकोट की नई मंडी में 14 भारतीय व्यापारियों को दुकानें आवंटित
Thu, 06 Aug 2026 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:21 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमा व्यापार के लिए चीन स्थित तिब्बत की तकलाकोट मंडी गए सीमांत के 14 व्यापारियों को पुरंग काउंटी प्रशासन की ओर से 14 दुकानें उपलब्ध कराई गई हैं। अभी तक वहां से कोई भी व्यापारी सामान लेने भारत वापस नहीं आए हैं।
कोरोना काल के बाद शुरू हो रहे भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सीमांत के व्यापारियों ने एक अगस्त को लिपुलेख दर्रा पार कर तकलाकोट में प्रवेश किया था। पहले दल में 20 व्यापारी, सहायक शामिल हैं। पहले उन्हीं व्यापारियों को भेजा गया है जिनका सामान पहले से ही तकलाकोट में है। व्यापारी अभी अपने साथ कोई भी नया सामान लेकर नहीं गए हैं।
तकलाकोट पहुंचने के बाद व्यापारी पुरानी मंडी पहुंचे और वहां चीन प्रशासन की मौजूदगी में उनकी दुकानों के ताले खोल उन्हें सामान दिखाया गया। व्यापारियों का पहले से ही करीब एक करोड़ रुपये का सामान वहां पड़ा था। व्यापारी अपना सामान लेकर नई मंडी पहुंचे। सोशल मीडिया में एक व्यापारी महेश ह्यांकी ने वीडियो जारी तक कहा है कि तकलाकोट की पुरानी मंडी में सुनसानी छाई हुई है।
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उप जिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि उन्होंने चीन प्रशासन को भारतीय व्यापारियों को दुकान आवंटित किए जाने के लिए मेल किया था। इस पर चीन प्रशासन ने 14 व्यापारियों को नई मंडी में दुकानें आवंटित कर दी हैं।
पुरंग काउंटी से मिले निर्देशों के बाद जाएगा दूसरा दल
भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए करीब 136 व्यापारी और सहायकों के ट्रेड पास बनाए गए हैं। अभी चीन की पुरंग काउंटी से अन्य व्यापारियों को भेजने के संबंध में कोई मेल धारचूला प्रशासन को नहीं मिला है। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि वहां से मेल मिलने के बाद ही अगले दल को भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार चीन प्रशासन की ओर से नई मंडी में किराया पहले की अपेक्षा बढ़ाया गया है। गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि व्यापारियों ने वहां से अपने परिजनों को जानकारी दी है कि एक हॉल में तीन व्यापारी रह रहे हैं।
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कोरोना काल के बाद शुरू हो रहे भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सीमांत के व्यापारियों ने एक अगस्त को लिपुलेख दर्रा पार कर तकलाकोट में प्रवेश किया था। पहले दल में 20 व्यापारी, सहायक शामिल हैं। पहले उन्हीं व्यापारियों को भेजा गया है जिनका सामान पहले से ही तकलाकोट में है। व्यापारी अभी अपने साथ कोई भी नया सामान लेकर नहीं गए हैं।
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तकलाकोट पहुंचने के बाद व्यापारी पुरानी मंडी पहुंचे और वहां चीन प्रशासन की मौजूदगी में उनकी दुकानों के ताले खोल उन्हें सामान दिखाया गया। व्यापारियों का पहले से ही करीब एक करोड़ रुपये का सामान वहां पड़ा था। व्यापारी अपना सामान लेकर नई मंडी पहुंचे। सोशल मीडिया में एक व्यापारी महेश ह्यांकी ने वीडियो जारी तक कहा है कि तकलाकोट की पुरानी मंडी में सुनसानी छाई हुई है।
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उप जिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि उन्होंने चीन प्रशासन को भारतीय व्यापारियों को दुकान आवंटित किए जाने के लिए मेल किया था। इस पर चीन प्रशासन ने 14 व्यापारियों को नई मंडी में दुकानें आवंटित कर दी हैं।
पुरंग काउंटी से मिले निर्देशों के बाद जाएगा दूसरा दल
भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए करीब 136 व्यापारी और सहायकों के ट्रेड पास बनाए गए हैं। अभी चीन की पुरंग काउंटी से अन्य व्यापारियों को भेजने के संबंध में कोई मेल धारचूला प्रशासन को नहीं मिला है। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि वहां से मेल मिलने के बाद ही अगले दल को भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार चीन प्रशासन की ओर से नई मंडी में किराया पहले की अपेक्षा बढ़ाया गया है। गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि व्यापारियों ने वहां से अपने परिजनों को जानकारी दी है कि एक हॉल में तीन व्यापारी रह रहे हैं।