{"_id":"6a970c7b8547de84e20a9d06","slug":"six-arogya-mandirs-in-pati-block-lack-chos-pithoragarh-news-c-229-1-cpt1009-143781-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: पाटी ब्लॉक के छह आरोग्य मंदिर सीएचओ विहीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: पाटी ब्लॉक के छह आरोग्य मंदिर सीएचओ विहीन
Tue, 01 Sep 2026 11:03 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। पाटी ब्लॉक में संचालित 15 आरोग्य मंदिरों में से छह सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के बिना चल रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, करीब 40 फीसदी केंद्र सीएचओ विहीन हैं।
भुम्वारी, बिनवालगांव, चौड़ाकोट, मंतांडे, पनिया और सिमलखेत के आरोग्य मंदिरों में सीएचओ के पद खाली हैं। इन केंद्रों से जुड़े ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए 30 से 40 किलोमीटर दूर पाटी या लोहाघाट जाना पड़ता है।
सीएचओ प्राथमिक उपचार, दवाएं, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। उनकी अनुपस्थिति में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलने वाले परामर्श भी प्रभावित हो रहे हैं। करीब आठ से 10 हजार की आबादी को स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। गंभीर मरीजों को निजी वाहनों से ले जाने पर समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है। जल्द ही जिले में 10 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद भरे जाने की उम्मीद है। -डाॅ. देवेश चौहान, मुख्यचिकित्साधिकारी, चंपावत
विज्ञापन
भुम्वारी, बिनवालगांव, चौड़ाकोट, मंतांडे, पनिया और सिमलखेत के आरोग्य मंदिरों में सीएचओ के पद खाली हैं। इन केंद्रों से जुड़े ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए 30 से 40 किलोमीटर दूर पाटी या लोहाघाट जाना पड़ता है।
विज्ञापन
सीएचओ प्राथमिक उपचार, दवाएं, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। उनकी अनुपस्थिति में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलने वाले परामर्श भी प्रभावित हो रहे हैं। करीब आठ से 10 हजार की आबादी को स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। गंभीर मरीजों को निजी वाहनों से ले जाने पर समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है। जल्द ही जिले में 10 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद भरे जाने की उम्मीद है। -डाॅ. देवेश चौहान, मुख्यचिकित्साधिकारी, चंपावत