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Pithoragarh News: रात 12 बजे से रसोई गैस के लिए लगाई लाइन, वाहन नहीं पहुंचा तो कलेक्ट्रेट धमकीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:45 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में रसोई गैस का जुगाड़ करना उपभोक्ताओं के लिए चुनौती बन गया है। हालात यह है कि उपभोक्ता रसोई गैस मिलने की उम्मीद में रात में सो भी नहीं पा रहे हैं और वितरण स्पॉट पर लाइन लगाने के लिए मजबूर हैं। इसके बाद भी उन्हें रसोई गैस नहीं मिल रही है।
ऐसा ही हुआ सोमवार को। नगर के टकाना वितरण स्थल पर रविवार मध्यरात्रि से ही लोगों ने खाली सिलिंडर के साथ लाइन में लगना शुरू कर दिया। महिलाएं खाली सिलिंडरों के साथ लाइन में लगकर सुबह का इंतजार करती रहीं। नौ घंटे तक लाइन में लगने के बाद सुबह नौ बजे महिलाओं को पता चला कि आज रसोई गैस का वाहन यहां नहीं आएगा तो उनका हौसला जवाब दे गया।
सभी कलेक्ट्रेट आ धमकीं और डीएम के आने का इंतजार करती रहीं। कलेक्ट्रेट पहुंची 75 वर्ष की राधिका देवी ने कहा कि डीएम से पूछना है कि मैं बुढ़िया भूखी मर रही हूं और आप किसको सिलिंडर देकर आए। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से वह सिलिंडर के लिए लाइन में लग रही हैं और निराश होकर घर लौट रही हैं।
अन्य महिलाओं ने बताया कि उन्हें सोमवार को टकाना में सिलिंडर देने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में वे रात 12 बजे से लाइन में लगीं रहीं लेकिन वाहन नहीं भेजा गया।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि वितरण में मनमानी और धांधली की जा रही है।लंबे इंतजार के बाद भी जब डीएम आशीष कुमार भटगांई के जन-जन की सरकार चार साल बेमिसाल कार्यक्रम में जाने का पता चला तो महिलाएं निराश होकर खाली सिलिंडरों के साथ घर लौटीं।
नगर निगम में भी गैस वितरण के लिए गांव का नियम लागू
पिथौरागढ़। करीब दो साल पहले दौला, बस्ते, ऐंचोली सहित अन्य क्षेत्रों को वार्ड घोषित कर इन्हें नगर निगम में शामिल किया गया है। नगर का हिस्सा होने के बाद भी इन वार्डों में गैस वितरण को लेकर गांवों का नियम लागू किया गया है जो उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद दूसरा सिलिंडर उपलब्ध होगा। नगर के इन वार्डों में भी यही नियम लागू किया गया है। जिम्मेदार अधिकारी नए वार्डों का गैस एजेंसियों में दर्ज न होना कारण बता रहे हैं। नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद भी इन वार्डों को ग्रामीण क्षेत्र माना जाना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। संवाद
कोट
- टकाना में सोमवार को गैस वितरण निर्धारित नहीं था। फिर भी वहां पहुंचे 60 उपभोक्ताओं के नाम नोट किए गए हैं। आपूर्ति व्यवस्थित रहने पर उनको प्राथमिकता से रसोई गैस उपलब्ध की जाएगी। - केएस कुंवर, पूर्ति निरीक्षक
कोट -
गैस वितरण डिपो से हो रही आपूर्ति के आधार पर किया जा रहा है। जिन स्थानों पर गैस बांटी जाएगी इसकी जानकारी पहले से ही सार्वजनिक की जा रही है। एक वितरण स्थल के उपभोक्ताओं को दूसरे स्थल पर रसोई गैस उपलब्ध नहीं की जाएगी। - जितेंद्र वर्मा, एसडीएम सदर
- कोट -
नगर निगम के नए वार्ड गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। ऐसे में यहां ग्रामीण क्षेत्रों में लागू नियम के हिसाब से ही रसोई गैस का वितरण किया जा रहा है। मामले को पेट्रोलियम कंपनियों के समक्ष रखा गया है। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
रसोई गैस न आने से उपभोक्ताओं के हाथ लगी निराशा
लोहाघाट/चंपावत। रसोई गैस की किल्लत के चलते नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को रसोई गैस न मिलने से लोगों को निराश होना पड़ा। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन रसोई गैस की बुकिंग होने के बाद भी गैस नहीं मिल पा रही है। गैस के लिए लोगों में मारामारी मची हुई है। पाटन पाटनी के लोगों का कहना है कि एजेंसी की ओर से पाटन पाटनी में गैस का वाहन भेजा जा रहा है, लेकिन अन्य स्थानों से वाहनों में आकर लोग गैस ले जा रहे हैं, इससे स्थानीय लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है। गैस प्रबंधक उमेश सिंह बिष्ट ने बताया कि रविवार होने के कारण प्लांट से गैस की आपूर्ति नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि लोहाघाट गैस एजेंसी के लिए प्रतिदिन दो गैस के वाहनों की डिमांड की जा रही है। चंपावत में भी लोगों को रसोई गैस सिलिंडर के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग सुबह से ही सिलिंडर के लिए लाइन में लगने के लिए मजबूर हैं। गैस एजेंसी में 234 रसोई गैस सिलिंडर लेकर आए वाहन को रोस्टर के हिसाब से वितरण के लिए भेज दिया गया।
पूर्णागिरि मेले में गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग उठाई
पूर्णागिरि(चंपावत)। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने मेला मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिला पूर्ति अधिकारी को ज्ञापन भेजकर मेला क्षेत्र में 100 एलपीजी और 100 सिलिंडर साप्ताहिक रोस्टर के अनुसार उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा कि धाम में हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं। धर्मशालाओं में एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत हो रही है। मेला मजिस्ट्रेट ने जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि करीब 300 से अधिक धर्मशालाएं हैं। स्थायी निवासी और व्यावसायिक के लिए साप्ताहिक गैस सिलिंडर की नितांत आवश्यकता है। पूर्णागिरि क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या से गैस बुकिंग में भी समस्या आ रही है। इससे मंदिर परिसर में पुजारियों और व्यवसायियों को ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है। भैरव मंदिर में गैस की आपूर्ति करवाते हुए अवगत कराने की बात कही है, इससे मेला व्यवस्था सुचारू रूप से हो सके।
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ऐसा ही हुआ सोमवार को। नगर के टकाना वितरण स्थल पर रविवार मध्यरात्रि से ही लोगों ने खाली सिलिंडर के साथ लाइन में लगना शुरू कर दिया। महिलाएं खाली सिलिंडरों के साथ लाइन में लगकर सुबह का इंतजार करती रहीं। नौ घंटे तक लाइन में लगने के बाद सुबह नौ बजे महिलाओं को पता चला कि आज रसोई गैस का वाहन यहां नहीं आएगा तो उनका हौसला जवाब दे गया।
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सभी कलेक्ट्रेट आ धमकीं और डीएम के आने का इंतजार करती रहीं। कलेक्ट्रेट पहुंची 75 वर्ष की राधिका देवी ने कहा कि डीएम से पूछना है कि मैं बुढ़िया भूखी मर रही हूं और आप किसको सिलिंडर देकर आए। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से वह सिलिंडर के लिए लाइन में लग रही हैं और निराश होकर घर लौट रही हैं।
अन्य महिलाओं ने बताया कि उन्हें सोमवार को टकाना में सिलिंडर देने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में वे रात 12 बजे से लाइन में लगीं रहीं लेकिन वाहन नहीं भेजा गया।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि वितरण में मनमानी और धांधली की जा रही है।लंबे इंतजार के बाद भी जब डीएम आशीष कुमार भटगांई के जन-जन की सरकार चार साल बेमिसाल कार्यक्रम में जाने का पता चला तो महिलाएं निराश होकर खाली सिलिंडरों के साथ घर लौटीं।
नगर निगम में भी गैस वितरण के लिए गांव का नियम लागू
पिथौरागढ़। करीब दो साल पहले दौला, बस्ते, ऐंचोली सहित अन्य क्षेत्रों को वार्ड घोषित कर इन्हें नगर निगम में शामिल किया गया है। नगर का हिस्सा होने के बाद भी इन वार्डों में गैस वितरण को लेकर गांवों का नियम लागू किया गया है जो उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद दूसरा सिलिंडर उपलब्ध होगा। नगर के इन वार्डों में भी यही नियम लागू किया गया है। जिम्मेदार अधिकारी नए वार्डों का गैस एजेंसियों में दर्ज न होना कारण बता रहे हैं। नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद भी इन वार्डों को ग्रामीण क्षेत्र माना जाना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। संवाद
कोट
- टकाना में सोमवार को गैस वितरण निर्धारित नहीं था। फिर भी वहां पहुंचे 60 उपभोक्ताओं के नाम नोट किए गए हैं। आपूर्ति व्यवस्थित रहने पर उनको प्राथमिकता से रसोई गैस उपलब्ध की जाएगी। - केएस कुंवर, पूर्ति निरीक्षक
कोट -
गैस वितरण डिपो से हो रही आपूर्ति के आधार पर किया जा रहा है। जिन स्थानों पर गैस बांटी जाएगी इसकी जानकारी पहले से ही सार्वजनिक की जा रही है। एक वितरण स्थल के उपभोक्ताओं को दूसरे स्थल पर रसोई गैस उपलब्ध नहीं की जाएगी। - जितेंद्र वर्मा, एसडीएम सदर
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नगर निगम के नए वार्ड गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। ऐसे में यहां ग्रामीण क्षेत्रों में लागू नियम के हिसाब से ही रसोई गैस का वितरण किया जा रहा है। मामले को पेट्रोलियम कंपनियों के समक्ष रखा गया है। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
रसोई गैस न आने से उपभोक्ताओं के हाथ लगी निराशा
लोहाघाट/चंपावत। रसोई गैस की किल्लत के चलते नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को रसोई गैस न मिलने से लोगों को निराश होना पड़ा। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन रसोई गैस की बुकिंग होने के बाद भी गैस नहीं मिल पा रही है। गैस के लिए लोगों में मारामारी मची हुई है। पाटन पाटनी के लोगों का कहना है कि एजेंसी की ओर से पाटन पाटनी में गैस का वाहन भेजा जा रहा है, लेकिन अन्य स्थानों से वाहनों में आकर लोग गैस ले जा रहे हैं, इससे स्थानीय लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है। गैस प्रबंधक उमेश सिंह बिष्ट ने बताया कि रविवार होने के कारण प्लांट से गैस की आपूर्ति नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि लोहाघाट गैस एजेंसी के लिए प्रतिदिन दो गैस के वाहनों की डिमांड की जा रही है। चंपावत में भी लोगों को रसोई गैस सिलिंडर के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग सुबह से ही सिलिंडर के लिए लाइन में लगने के लिए मजबूर हैं। गैस एजेंसी में 234 रसोई गैस सिलिंडर लेकर आए वाहन को रोस्टर के हिसाब से वितरण के लिए भेज दिया गया।
पूर्णागिरि मेले में गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग उठाई
पूर्णागिरि(चंपावत)। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने मेला मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिला पूर्ति अधिकारी को ज्ञापन भेजकर मेला क्षेत्र में 100 एलपीजी और 100 सिलिंडर साप्ताहिक रोस्टर के अनुसार उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा कि धाम में हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं। धर्मशालाओं में एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत हो रही है। मेला मजिस्ट्रेट ने जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि करीब 300 से अधिक धर्मशालाएं हैं। स्थायी निवासी और व्यावसायिक के लिए साप्ताहिक गैस सिलिंडर की नितांत आवश्यकता है। पूर्णागिरि क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या से गैस बुकिंग में भी समस्या आ रही है। इससे मंदिर परिसर में पुजारियों और व्यवसायियों को ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है। भैरव मंदिर में गैस की आपूर्ति करवाते हुए अवगत कराने की बात कही है, इससे मेला व्यवस्था सुचारू रूप से हो सके।