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बापूग्राम : तारबाड़ का करेंगे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:51 AM IST
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बापूग्राम में आयोजित जनसभा में शामिल लोग। स्रोत जागरूक पाठक।
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बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति वन विभाग की ओर से पूर्व में सर्वे की गई भूमि पर तारबाड़ करने का अहिंसात्मक तरीके से विरोध करेगी। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग की ओर से बापूग्राम क्षेत्र को अतिक्रमणकारी परिभाषित करने का भी विरोध किया।
रविवार को रमेश जुगलान की अध्यक्षता में बापूग्राम भूमियाल देवता मंदिर के समीप स्थानीय लोगों ने एक जनसभा का आयोजन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि वर्ष 1950 में भारत सरकार की ओर से उक्त 2866 एकड़ भूमि मीरा बेन की समिति पशुलोक मंडल को 99 वर्ष की लीज पर आवंटित की गई थी। जिसमें आज एम्स, आईडीपीएल, पशुलोक और विस्थापित क्षेत्र शामिल है।
शेष 594 एकड़ भूमि काश्त और गांव के लिए आवंटित की गई थी। इस भूमि पर नगर निगम के ग्रामीण वार्ड हैं। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पं नारायण दत्त तिवारी, भुवन चंद खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा ने इसे राजस्व ग्राम बनाने की समय-समय पर घोषणा की है।
प्रस्ताव पंचायत से लेकर जिला पंचायत से पारित हुआ। वर्ष 2007 में विधान सभा के फ्लोर पर प्रश्न लगाया गया। लगभग सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी हो चुकी है, फिर भी हमें अतिक्रमणकारी कहना न्यायसंगत नहीं है।
कार्यक्रम को पार्षद हर्षवर्धन सिंह रावत, अनिल रावत, दिनेश रावत, सुरेंद्र सिंह नेगी, सचवीर भंडारी, अभिनव मलिक, मुस्कान चौधरी, राम कुमार कश्यप और अविनाश सेमेल्टी आदि ने संबोधित किया। संचालन रविंद्र सिंह राणा ने किया।
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रविवार को रमेश जुगलान की अध्यक्षता में बापूग्राम भूमियाल देवता मंदिर के समीप स्थानीय लोगों ने एक जनसभा का आयोजन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि वर्ष 1950 में भारत सरकार की ओर से उक्त 2866 एकड़ भूमि मीरा बेन की समिति पशुलोक मंडल को 99 वर्ष की लीज पर आवंटित की गई थी। जिसमें आज एम्स, आईडीपीएल, पशुलोक और विस्थापित क्षेत्र शामिल है।
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शेष 594 एकड़ भूमि काश्त और गांव के लिए आवंटित की गई थी। इस भूमि पर नगर निगम के ग्रामीण वार्ड हैं। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पं नारायण दत्त तिवारी, भुवन चंद खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा ने इसे राजस्व ग्राम बनाने की समय-समय पर घोषणा की है।
प्रस्ताव पंचायत से लेकर जिला पंचायत से पारित हुआ। वर्ष 2007 में विधान सभा के फ्लोर पर प्रश्न लगाया गया। लगभग सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी हो चुकी है, फिर भी हमें अतिक्रमणकारी कहना न्यायसंगत नहीं है।
कार्यक्रम को पार्षद हर्षवर्धन सिंह रावत, अनिल रावत, दिनेश रावत, सुरेंद्र सिंह नेगी, सचवीर भंडारी, अभिनव मलिक, मुस्कान चौधरी, राम कुमार कश्यप और अविनाश सेमेल्टी आदि ने संबोधित किया। संचालन रविंद्र सिंह राणा ने किया।