{"_id":"6a732b4a9bf2fa681d017dfe","slug":"message-of-organ-donation-is-the-greatest-donation-rishikesh-news-c-38-1-sdrn1040-144677-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: अंगदान-महादान का संदेश, जानकी सेतु बना जागरूकता का प्रतीक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: अंगदान-महादान का संदेश, जानकी सेतु बना जागरूकता का प्रतीक
Wed, 05 Aug 2026 05:53 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 05 Aug 2026 05:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- काथॉन और फ्लैग मार्च के माध्यम से लोगों को अंगदान के लिए किया गया जागरूक
- जानकी सेतु को पहली बार अंगदान के प्रतीक हरे रंग की रोशनी से सजाया गया
ऋषिकेश। अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने और अंगदाताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से बुधवार को एम्स के अंग प्रत्यारोपण विभाग, मोहन फाउंडेशन और लोक निर्माण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जानकी सेतु को अंगदान के वैश्विक प्रतीक हरे रंग की रोशनी से सजाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आस्था पथ पर आयोजित अंगदान जागरूकता वॉकाथॉन और फ्लैग मार्च से हुई। इसके बाद देर शाम जानकी सेतु को हरे रंग की रोशनी से प्रकाशित किया गया। हरा रंग विश्वभर में अंग एवं ऊतक दान का प्रतीक माना जाता है। उत्तराखंड में पहली बार अंगदाता परिवारों के सम्मान में किसी प्रमुख सार्वजनिक स्थल को इस तरह हरित रोशनी से सजाया गया।गंगा तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इस पहल की सराहना की। हरित रोशनी से जगमगाता जानकी सेतु देर शाम तक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा और अंगदान-महादान का संदेश हजारों लोगों तक पहुंचा।
अंगदाताओं और देहदान करने वालों के परिजन हुए सम्मानित
एम्स में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2025-26 के जीवित गुर्दा (किडनी) दाताओं, अब तक के मृतक अंगदाता परिवारों व देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी सम्मानित परिवारों के अद्वितीय साहस, संवेदनशीलता एवं मानवता के प्रति समर्पण को नमन करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। इस अवसर पर एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है तथा प्रत्येक नागरिक को अपने परिवार के साथ इस विषय पर चर्चा कर अंगदान का संकल्प लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
- जानकी सेतु को पहली बार अंगदान के प्रतीक हरे रंग की रोशनी से सजाया गया
ऋषिकेश। अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने और अंगदाताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से बुधवार को एम्स के अंग प्रत्यारोपण विभाग, मोहन फाउंडेशन और लोक निर्माण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जानकी सेतु को अंगदान के वैश्विक प्रतीक हरे रंग की रोशनी से सजाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आस्था पथ पर आयोजित अंगदान जागरूकता वॉकाथॉन और फ्लैग मार्च से हुई। इसके बाद देर शाम जानकी सेतु को हरे रंग की रोशनी से प्रकाशित किया गया। हरा रंग विश्वभर में अंग एवं ऊतक दान का प्रतीक माना जाता है। उत्तराखंड में पहली बार अंगदाता परिवारों के सम्मान में किसी प्रमुख सार्वजनिक स्थल को इस तरह हरित रोशनी से सजाया गया।गंगा तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इस पहल की सराहना की। हरित रोशनी से जगमगाता जानकी सेतु देर शाम तक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा और अंगदान-महादान का संदेश हजारों लोगों तक पहुंचा।
विज्ञापन
अंगदाताओं और देहदान करने वालों के परिजन हुए सम्मानित
एम्स में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2025-26 के जीवित गुर्दा (किडनी) दाताओं, अब तक के मृतक अंगदाता परिवारों व देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी सम्मानित परिवारों के अद्वितीय साहस, संवेदनशीलता एवं मानवता के प्रति समर्पण को नमन करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। इस अवसर पर एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है तथा प्रत्येक नागरिक को अपने परिवार के साथ इस विषय पर चर्चा कर अंगदान का संकल्प लेना चाहिए।
विज्ञापन