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Rishikesh News: पैरा डिस्कस थ्रो में वरुण जैन ने जीता रजत पदक
Sun, 25 Oct 2026 06:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 25 Oct 2026 06:44 PM IST
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- खेल महाकुंभ में नौ मीटर दूर फेंका चक्का, राष्ट्रीय स्तर पर भी हासिल कर चुके हैं पदक
ऋषिकेश। खेल महाकुंभ 2026 मुख्यमंत्री ट्रॉफी के तहत आयोजित पैरा डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में ऋषिकेश के भारत वाटिका निवासी वरुण जैन ने रजत पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने नौ मीटर दूर चक्का फेंककर यह उपलब्धि हासिल की।
प्रतियोगिता महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स अकादमी के एथलेटिक्स मैदान में आयोजित हुई, जिसमें उत्तराखंड के सभी जिलों से 300 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। वरुण जैन पिछले 22 वर्षों से रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण पैराप्लेजिया की स्थिति का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति से अलग पहचान बनाई है। वह राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के साथ ही राज्य स्तर पर चार पदक हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा उनके नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दो रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। खेल महाकुंभ में रजत पदक जीतने से वरुण की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उनकी सफलता खेल के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास की मिसाल है।
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ऋषिकेश। खेल महाकुंभ 2026 मुख्यमंत्री ट्रॉफी के तहत आयोजित पैरा डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में ऋषिकेश के भारत वाटिका निवासी वरुण जैन ने रजत पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने नौ मीटर दूर चक्का फेंककर यह उपलब्धि हासिल की।
प्रतियोगिता महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स अकादमी के एथलेटिक्स मैदान में आयोजित हुई, जिसमें उत्तराखंड के सभी जिलों से 300 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। वरुण जैन पिछले 22 वर्षों से रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण पैराप्लेजिया की स्थिति का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति से अलग पहचान बनाई है। वह राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के साथ ही राज्य स्तर पर चार पदक हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा उनके नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दो रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। खेल महाकुंभ में रजत पदक जीतने से वरुण की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उनकी सफलता खेल के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास की मिसाल है।
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