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Roorkee News: नौचंदी जुमेरात पर मांगी अमनो-अमान की दुआ
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दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स के बाद पड़ने वाली नौचंदी जुमेरात पर बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंचे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक समेत इमाम साहब, किलकिली साहब, अब्दाल साहब और गैब अली साहब की दरगाहों पर जियारत कर मुल्क में अमनो-अमान व सलामती की दुआ मांगी।
नौचंदी जुमेरात के कारण दरगाह साबिर पाक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर जायरीनों की भीड़ रही। दरगाह में जियारत के लिए कई स्थानों पर जायरीनों को कतार में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। दिल्ली, बरेली, पंजाब, रामपुर, मुरादाबाद, आगरा, नजीबाबाद, सहारनपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे।
दरगाह के सभी गेटों पर भी दिनभर भीड़ बनी रही। जायरीनों ने साबिर पाक की दरगाह पर जियारत कर अपनी मन्नतें और मुरादें मांगी। मान्यता के अनुसार चांद दिखाई देने के बाद आने वाली पहली जुमेरात को नौचंदी जुमेरात कहा जाता है। इस मौके पर हर वर्ष बड़ी संख्या में जायरीन कलियर पहुंचते हैं। नौचंदी जुमेरात के अवसर पर दरगाह परिसर स्थित महफिल खाने में खत्म शरीफ का आयोजन किया गया। इसमें सज्जादानशीन शाह अली ऐजाज साबरी, शाह यावर अली ऐजाज साबरी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। कुरानख्वानी के बाद खास दुआ कराई गई। इसमें मुल्क की तरक्की, अमनो-अमान और सलामती के लिए दुआ मांगी गई।
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नौचंदी जुमेरात के कारण दरगाह साबिर पाक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर जायरीनों की भीड़ रही। दरगाह में जियारत के लिए कई स्थानों पर जायरीनों को कतार में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। दिल्ली, बरेली, पंजाब, रामपुर, मुरादाबाद, आगरा, नजीबाबाद, सहारनपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे।
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दरगाह के सभी गेटों पर भी दिनभर भीड़ बनी रही। जायरीनों ने साबिर पाक की दरगाह पर जियारत कर अपनी मन्नतें और मुरादें मांगी। मान्यता के अनुसार चांद दिखाई देने के बाद आने वाली पहली जुमेरात को नौचंदी जुमेरात कहा जाता है। इस मौके पर हर वर्ष बड़ी संख्या में जायरीन कलियर पहुंचते हैं। नौचंदी जुमेरात के अवसर पर दरगाह परिसर स्थित महफिल खाने में खत्म शरीफ का आयोजन किया गया। इसमें सज्जादानशीन शाह अली ऐजाज साबरी, शाह यावर अली ऐजाज साबरी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। कुरानख्वानी के बाद खास दुआ कराई गई। इसमें मुल्क की तरक्की, अमनो-अमान और सलामती के लिए दुआ मांगी गई।
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