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Rudraprayag News: सिन्द्रवाणी गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 06 Feb 2026 06:07 PM IST
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जांच के बाद होगी आदमखोर होने की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। सिन्द्रवाणी में बीते तीन फरवरी को गुलदार ने पांच वर्षीय दक्ष को मार डाला था। अब बृहस्पतिवार देर रात एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार मादा है और तीन से चार वर्ष की है। वन विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह गुलदार को मुख्यालय स्थित विभाग कार्यालय पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की और फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल देहरादून व पशुलोक ऋषिकेश भेजे दिए। जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह गुलदार वही था या नहीं। इधर वन विभाग टीमें सिन्द्रवाणी गांव में गश्त कर रही हैं।
उपप्रभागीय वनाधिकारी, अगस्त्यमुनि रेंज, देवेंद्र सिंह पुण्डीर ने बताया कि मादा गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद भी एहतियातन सिन्द्रवाणी क्षेत्र में अन्य स्थानों पर पिंजरे लगे हुएहैं। साथ ही गुलदारों की निगरानी की जा रही है। वन विभाग के कार्मिकों की ओर से निरंतर गश्त एवं सर्च अभियान जारी है। ताकि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बिजराकोट और छिनका में दिखा गुलदार
रुद्रप्रयाग। सिन्द्रवाणी में गुलदार के कैद होने के बाद अब सिन्द्रवाणी से सटे बिजराकोट और छिनका ग्रामसभा में फिर गुलदार दिखा। छिनका में गुलदार ने नत्था सिंह और भूमेंद्र जग्गी की बकरियों को मार डाला। ग्राम प्रधान छिनका मनोज कंडारी ने बताया कि इलाके में अब भी कई गुलदार सक्रिय हैं। सबसे ज्यादा खतरा स्कूली बच्चों को है जो गांव से एक से दो किलोमीटर दूर स्कूल जाते हैं। उन्होंने वन विभाग से इलाके में गश्त करने और सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग की। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। सिन्द्रवाणी में बीते तीन फरवरी को गुलदार ने पांच वर्षीय दक्ष को मार डाला था। अब बृहस्पतिवार देर रात एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार मादा है और तीन से चार वर्ष की है। वन विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह गुलदार को मुख्यालय स्थित विभाग कार्यालय पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की और फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल देहरादून व पशुलोक ऋषिकेश भेजे दिए। जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह गुलदार वही था या नहीं। इधर वन विभाग टीमें सिन्द्रवाणी गांव में गश्त कर रही हैं।
उपप्रभागीय वनाधिकारी, अगस्त्यमुनि रेंज, देवेंद्र सिंह पुण्डीर ने बताया कि मादा गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद भी एहतियातन सिन्द्रवाणी क्षेत्र में अन्य स्थानों पर पिंजरे लगे हुएहैं। साथ ही गुलदारों की निगरानी की जा रही है। वन विभाग के कार्मिकों की ओर से निरंतर गश्त एवं सर्च अभियान जारी है। ताकि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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बिजराकोट और छिनका में दिखा गुलदार
रुद्रप्रयाग। सिन्द्रवाणी में गुलदार के कैद होने के बाद अब सिन्द्रवाणी से सटे बिजराकोट और छिनका ग्रामसभा में फिर गुलदार दिखा। छिनका में गुलदार ने नत्था सिंह और भूमेंद्र जग्गी की बकरियों को मार डाला। ग्राम प्रधान छिनका मनोज कंडारी ने बताया कि इलाके में अब भी कई गुलदार सक्रिय हैं। सबसे ज्यादा खतरा स्कूली बच्चों को है जो गांव से एक से दो किलोमीटर दूर स्कूल जाते हैं। उन्होंने वन विभाग से इलाके में गश्त करने और सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग की। संवाद
