रुद्रप्रयाग: द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए होंगे बंद, ऊखीमठ पहुंचेगी डोली
चारधाम यात्रा के समापन की प्रक्रिया के बीच द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि तय हो गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के बाद भगवान की चल विग्रह डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी।
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रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। विजय दशमी पर्व पर आज मंगलवार 20 अक्तूबर को ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कपाट बंद होने की तिथि निर्धारित की गई।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 नवंबर को मद्महेश्वर धाम के कपाट बंद होने के बाद भगवान की चल विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास के लिए रवाना होगी। पहले दिन डोली का रात्रि विश्राम गौंडार गांव में होगा। इसके बाद 17 नवंबर को डोली गौंडार से रांसी पहुंचेगी।
18 नवंबर को डोली रांसी से गिरिया के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद 19 नवंबर को डोली गिरिया से चलकर ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा-अर्चना संपन्न होगी।
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मद्महेश्वर धाम भगवान शिव के पंचकेदारों में द्वितीय केदार के रूप में प्रसिद्ध है। हर वर्ष यात्रा काल के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण धाम के कपाट परंपरा के अनुसार बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद शीतकाल में भगवान की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में की जाती है।