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Rudraprayag News: त्रियुगीनारायण की रुचि धागें बुन कर तैयार कर रही स्वरोजगार के अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sun, 03 May 2026 11:34 PM IST
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- गांव की महिलाओं को सिखा रहीं दस्तकारी, बता रहीं आत्मनिर्भर
गुप्तकाशी। केदारघाटी के धार्मिक एवं पर्यटन ग्राम त्रियुगीनारायण की ग्राम प्रधान रुचि गैरोला जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ स्वरोजगार की मिसाल भी बन रही हैं। वह धागों से भगवान गणेश, शिव-पार्वती सहित विभिन्न धार्मिक हस्तशिल्प तैयार कर स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।
रुचि ने बताया कि त्रियुगीनारायण में वर्षभर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्री स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को खरीदने में रुचि दिखाते हैं। इसी को देखते हुए उन्होंने गांव में अपनी दुकान शुरू की जहां वह हाथों से बनी अपनी कलात्मक वस्तुएं बतौर याद लोगों को बेच रही हैं। उन्होंने बताया कि वह केवल खुद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी यह दस्तकारी सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं। उनका कहना है कि स्थानीय महिलाओं को हुनर से जोड़कर घर बैठे आय का बेहतर साधन उपलब्ध कराया जा सकता है। त्रियुगीनारायण व्यापार संघ अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सेमवाल ने कहा कि ग्राम प्रधान की यह पहल अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। श्रद्धालु भी ऐसी हस्तनिर्मित वस्तुओं को स्मृति चिन्ह के रूप में अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से जहां महिलाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की पारंपरिक कला को पहचान व नई मजबूती मिलेगी।
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गुप्तकाशी। केदारघाटी के धार्मिक एवं पर्यटन ग्राम त्रियुगीनारायण की ग्राम प्रधान रुचि गैरोला जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ स्वरोजगार की मिसाल भी बन रही हैं। वह धागों से भगवान गणेश, शिव-पार्वती सहित विभिन्न धार्मिक हस्तशिल्प तैयार कर स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।
रुचि ने बताया कि त्रियुगीनारायण में वर्षभर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्री स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को खरीदने में रुचि दिखाते हैं। इसी को देखते हुए उन्होंने गांव में अपनी दुकान शुरू की जहां वह हाथों से बनी अपनी कलात्मक वस्तुएं बतौर याद लोगों को बेच रही हैं। उन्होंने बताया कि वह केवल खुद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी यह दस्तकारी सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं। उनका कहना है कि स्थानीय महिलाओं को हुनर से जोड़कर घर बैठे आय का बेहतर साधन उपलब्ध कराया जा सकता है। त्रियुगीनारायण व्यापार संघ अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सेमवाल ने कहा कि ग्राम प्रधान की यह पहल अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। श्रद्धालु भी ऐसी हस्तनिर्मित वस्तुओं को स्मृति चिन्ह के रूप में अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से जहां महिलाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की पारंपरिक कला को पहचान व नई मजबूती मिलेगी।
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