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Rudraprayag News: आपदा के आठ महीने बाद भी बदहाल है सुधरी बसुकेदार-गुप्तकाशी मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sun, 03 May 2026 04:18 PM IST
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जखोली से मयाली व गुप्तकाशी को जाेड़ने वाले मोटर मार्ग की जर्जर स्थिति। संवाद
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ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश, कहा लगातार हो रही है सड़क की अनदेखी
बसुकेदार/अगस्त्यमुनि। जखोली से मयाली व बसुकेदार से गुप्तकाशी को जाेड़ने वाले मोटर मार्ग की स्थिति अभी भी जर्जर बनी है। छेनागाड़ व आसपास के क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के आठ महीने बीत जाने के बाद भी इस सड़क की हालत खस्ताहाल बनी हुई है। यह सड़क अब लोगों के लिए जोखिम भरा रास्ता बन चुकी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग से जुड़े क्यूड़ी, अधूली, किमाणा और दानकोट सहित कई गांवों के ग्रामीण आज भी बुनियादी आवागमन सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
आपदा के बाद जहां त्वरित राहत और पुनर्निर्माण की उम्मीद थी वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। आपदा के आठ महीने बाद भी जखोली से मयाली व बसुकेदार से गुप्तकाशी को जाेड़ने वाले मोटर मार्ग की हालत खराब है। साथ ही लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है। ग्राम स्यूर निवासी नंदलाल ने कहा कि आपदा के बाद कई बार सर्वे किए गए, पर धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान माहेश्वरी देवी ने ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत को लेकर ठोस कार्य नहीं हो रहे है। प्रधान किमाणा पवन कुमार ने बताया विनोवा बैंड से खाटली तक सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भेजी जा चुकी हैं पर उनकी अनदेखी की जा रही है। स्थानीय निवासी सुमित सिंह ने बताया कि कहना है कि सड़क की अनदेखी उनके जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर डाल रही है। बीमारों को अस्पताल पहुंचाना और बच्चों का स्कूल जाना तक जोखिम भरा हो गया है।
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बसुकेदार/अगस्त्यमुनि। जखोली से मयाली व बसुकेदार से गुप्तकाशी को जाेड़ने वाले मोटर मार्ग की स्थिति अभी भी जर्जर बनी है। छेनागाड़ व आसपास के क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के आठ महीने बीत जाने के बाद भी इस सड़क की हालत खस्ताहाल बनी हुई है। यह सड़क अब लोगों के लिए जोखिम भरा रास्ता बन चुकी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग से जुड़े क्यूड़ी, अधूली, किमाणा और दानकोट सहित कई गांवों के ग्रामीण आज भी बुनियादी आवागमन सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
आपदा के बाद जहां त्वरित राहत और पुनर्निर्माण की उम्मीद थी वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। आपदा के आठ महीने बाद भी जखोली से मयाली व बसुकेदार से गुप्तकाशी को जाेड़ने वाले मोटर मार्ग की हालत खराब है। साथ ही लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है। ग्राम स्यूर निवासी नंदलाल ने कहा कि आपदा के बाद कई बार सर्वे किए गए, पर धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान माहेश्वरी देवी ने ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत को लेकर ठोस कार्य नहीं हो रहे है। प्रधान किमाणा पवन कुमार ने बताया विनोवा बैंड से खाटली तक सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भेजी जा चुकी हैं पर उनकी अनदेखी की जा रही है। स्थानीय निवासी सुमित सिंह ने बताया कि कहना है कि सड़क की अनदेखी उनके जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर डाल रही है। बीमारों को अस्पताल पहुंचाना और बच्चों का स्कूल जाना तक जोखिम भरा हो गया है।
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