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Tehri News: निजी सर्वेयरों से कराएं डिजिटल क्रॉप सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 17 Mar 2026 06:06 PM IST
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सर्वे के विरोध में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया
नई टिहरी। उद्यान, राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि विभागीय कर्मचारियों का हर स्पॉट पर पहुंचना आसान नहीं है। उन्होंने सर्वे कार्य अन्य राज्यों की भांति निजी सर्वेयरों से कराने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारियों का डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए हर एक जगह पर जाना आसान नहीं है। पहाड़ में जंगली जानवरों का खतरा और पहुंच मार्ग जैसी बड़ी समस्या भी है। अतिरिक्त कार्यभार के कारण विभाग के नियमित कार्य भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य की जिम्मेदारी मिलने से कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। अन्य राज्यों में यह व्यापक और तकनीकी कार्य निजी सर्वेयरों के माध्यम से कराया जा रहा है। उसी तरह यह सर्वे कार्य उत्तराखंड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में भी कराए जाने चाहिए।
संगठन ने कार्मिकों की समस्याओं को देखते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई को समाप्त करने की मांग की है। कर्मचारी संगठनों ने फार्मर रजिस्ट्री के संदर्भ में उत्तरकाशी में कृषि विभाग के कार्मिकों पर की गई कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने शीघ्र ही ऐसी कार्यवाही रोकने की मांग की। धरना देने वालों में कृषि सेवा संघ के जिलाध्यक्ष विशांक चौधरी, उपाध्यक्ष त्रिशिका कंडारी, जिलामंत्री भगीरथ जोशी, कृषि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डीपी सेमल्टी, आशीष बिजल्वाण और दीक्षा रावत आदि शामिल थे।
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नई टिहरी। उद्यान, राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि विभागीय कर्मचारियों का हर स्पॉट पर पहुंचना आसान नहीं है। उन्होंने सर्वे कार्य अन्य राज्यों की भांति निजी सर्वेयरों से कराने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारियों का डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए हर एक जगह पर जाना आसान नहीं है। पहाड़ में जंगली जानवरों का खतरा और पहुंच मार्ग जैसी बड़ी समस्या भी है। अतिरिक्त कार्यभार के कारण विभाग के नियमित कार्य भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य की जिम्मेदारी मिलने से कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। अन्य राज्यों में यह व्यापक और तकनीकी कार्य निजी सर्वेयरों के माध्यम से कराया जा रहा है। उसी तरह यह सर्वे कार्य उत्तराखंड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में भी कराए जाने चाहिए।
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संगठन ने कार्मिकों की समस्याओं को देखते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई को समाप्त करने की मांग की है। कर्मचारी संगठनों ने फार्मर रजिस्ट्री के संदर्भ में उत्तरकाशी में कृषि विभाग के कार्मिकों पर की गई कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने शीघ्र ही ऐसी कार्यवाही रोकने की मांग की। धरना देने वालों में कृषि सेवा संघ के जिलाध्यक्ष विशांक चौधरी, उपाध्यक्ष त्रिशिका कंडारी, जिलामंत्री भगीरथ जोशी, कृषि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डीपी सेमल्टी, आशीष बिजल्वाण और दीक्षा रावत आदि शामिल थे।