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Tehri News: छाम-बल्डोगी बोट सेवा बंद होने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 10 Apr 2026 07:22 PM IST
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छाम-बल्डोगी बोट सेवा बंद होने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
बोट सेवा बंद होने से 20 मिनट का सफर हुआ 45 किलोमीटर
कंडीसौड़ (टिहरी)। छाम-बल्डोगी बोट सेवा बंद होने से टिहरी और उत्तरकाशी जिले के कई गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बोट सेवा के जरिये जहां मात्र 20 मिनट में झील के इसपार से उसपार पहुंचा जा सकता था। वहीं, अब बोट सेवा बंद होने के कारण लोगों को सड़क से यात्रा करते हुए अब 45 किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ेगी।
टिहरी बांध की झील बनने के बाद से थौलधार ब्लॉक के गुसाईं पट्टी और उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के ग्रामीणों को झील को आरपार पहुंचाने के लिए पुनर्वास विभाग की ओर से बोट का संचालन किया जाता है। झील का जलस्तर कम होने के कारण पुनर्वास विभाग ने गत सात अप्रैल को बोट का संचालन बंद कर दिया। बोट सेवा बंद होने से थौलधार क्षेत्र के लोगों को सड़क से चिन्यालीसौड़ होकर झील पार जाने के लिए करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। झील का जलस्तर कम होने के बाद हर साल पुनर्वास विभाग बोट संचालन बंद कर देता है। पंडित गंगा प्रसाद खंडूरी ने कहा कि झील के पार कुंभराड़ा आदि गांवों में उनकी यजमानी है, उन्हें हर सप्ताह पूजा-पाठ के लिए वहां जाना पड़ता है। बोट सेवा बंद होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय निवासी रामप्यारी देवी, गोविंद सिंह राणा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह रावत, प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा ने बताया कि 2006 में टिहरी बांध की झील बनने के बाद से हर साल ग्रामीणों के सामने यही परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोग लंबे समय से झील के ऊपर झूला पुल और रोपवे के निर्माण की मांग करते आ रहे हैं ताकि आवागमन की सुविधा हो सके। 20 साल बीत जाने के बाद उनकी सुनवाई नहीं हो पाई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रावत ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत बैठकों से लेकर शासन-प्रशासन के पास झूला पुल और रोपवे का प्रस्ताव रखा लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। बताया गत जनवरी माह में सीएम धामी के कंडीसौड़ दौरे के दौरान पुल और रोपवे निर्माण की मांग रखी थी। शासन-प्रशासन को क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए शीघ्र झूला पुल या रोपवे का निर्माण करना चाहिए।
इनका क्या है, कहना-
झील का जलस्तर कम होने और झील के किनारे दलदल होने के कारण लोगों की सुरक्षा के मध्य नजर छाम-बल्डोगी बोट सेवा को बंद किया गया है। झील का जलस्तर बढ़ने के बाद बोट सेवा का संचालन शुरू किया जाएगा।
रविकांत, अवर अभियंता टीएचडीसी।
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बोट सेवा बंद होने से 20 मिनट का सफर हुआ 45 किलोमीटर
कंडीसौड़ (टिहरी)। छाम-बल्डोगी बोट सेवा बंद होने से टिहरी और उत्तरकाशी जिले के कई गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बोट सेवा के जरिये जहां मात्र 20 मिनट में झील के इसपार से उसपार पहुंचा जा सकता था। वहीं, अब बोट सेवा बंद होने के कारण लोगों को सड़क से यात्रा करते हुए अब 45 किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ेगी।
टिहरी बांध की झील बनने के बाद से थौलधार ब्लॉक के गुसाईं पट्टी और उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के ग्रामीणों को झील को आरपार पहुंचाने के लिए पुनर्वास विभाग की ओर से बोट का संचालन किया जाता है। झील का जलस्तर कम होने के कारण पुनर्वास विभाग ने गत सात अप्रैल को बोट का संचालन बंद कर दिया। बोट सेवा बंद होने से थौलधार क्षेत्र के लोगों को सड़क से चिन्यालीसौड़ होकर झील पार जाने के लिए करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। झील का जलस्तर कम होने के बाद हर साल पुनर्वास विभाग बोट संचालन बंद कर देता है। पंडित गंगा प्रसाद खंडूरी ने कहा कि झील के पार कुंभराड़ा आदि गांवों में उनकी यजमानी है, उन्हें हर सप्ताह पूजा-पाठ के लिए वहां जाना पड़ता है। बोट सेवा बंद होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय निवासी रामप्यारी देवी, गोविंद सिंह राणा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह रावत, प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा ने बताया कि 2006 में टिहरी बांध की झील बनने के बाद से हर साल ग्रामीणों के सामने यही परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोग लंबे समय से झील के ऊपर झूला पुल और रोपवे के निर्माण की मांग करते आ रहे हैं ताकि आवागमन की सुविधा हो सके। 20 साल बीत जाने के बाद उनकी सुनवाई नहीं हो पाई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रावत ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत बैठकों से लेकर शासन-प्रशासन के पास झूला पुल और रोपवे का प्रस्ताव रखा लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। बताया गत जनवरी माह में सीएम धामी के कंडीसौड़ दौरे के दौरान पुल और रोपवे निर्माण की मांग रखी थी। शासन-प्रशासन को क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए शीघ्र झूला पुल या रोपवे का निर्माण करना चाहिए।
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इनका क्या है, कहना-
झील का जलस्तर कम होने और झील के किनारे दलदल होने के कारण लोगों की सुरक्षा के मध्य नजर छाम-बल्डोगी बोट सेवा को बंद किया गया है। झील का जलस्तर बढ़ने के बाद बोट सेवा का संचालन शुरू किया जाएगा।
रविकांत, अवर अभियंता टीएचडीसी।