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Udham Singh Nagar News: बिना स्टेशन बने बिना संचालित होने लगी बसें, अब यात्रियों को खोजना पड़ रहा...
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जसपुर। रोडवेज बस अड्डे के लिए आवंटित हुई भूमि से बसों के सफर की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। शहर से दूर बिना स्टेशन बने परिवहन निगम ने बसों का संचालन तो शुरू कर दिया, लेकिन अब यात्रियों को खोजना पड़ रहा है।
आवंटित भूमि पर टिन शेड तक नहीं बना है। यहां न बैठने के लिए बेंच है ना ही पेयजल और शौचालय की व्यवस्था। लोग यहां आने की बजाय शहर के अंदर से ही बस पकड़ना ज्यादा सुविधाजनक समझ रहे हैं। बसों को मुख्य सड़क से भूमि तक ले जाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से दो ट्रैफिक इंस्पेक्टरों की तैनाती की गई थी। लोगों का कहना है कि वह भी नियमित अपनी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। नतीजा यह है कि कई बसें सड़क से ही निकल जाती हैं और भूमि खाली पड़ी रहती है।
इनसेट-
यह है पूरा मामला
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय रूहेला की मांग पर शासन ने गांगूवाला में 0.7370 हेक्टेयर भूमि का चयन कर इसे रोडवेज बस अड्डा के लिए निशुल्क आवंटित किया है। उत्तराखंड परिवहन निगम ने भूमि को कब्जे में लेकर 19 जून को बसों के संचालन की प्रक्रिया अपनाई। इस दिन भाजपा नेताओं ने इसका शुभारंभ किया। सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार आर्य ने बताया कि भूमि पर बसों को रूकाया जा रहा है, लेकिन यात्री नहीं मिल रहे हैं। टीआई को नियमित डयूटी के लिए कहा गया है।
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इनसेट-
परिवहन विभाग ने सुविधाओं की अस्थाई व्यवस्था के लिए नगर पालिका प्रशासन को एनओसी जारी की है। बस अड्डा निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये की डीपीआर बनी है। जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
- विनय कुमार रूहेला, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन विभाग
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आवंटित भूमि पर टिन शेड तक नहीं बना है। यहां न बैठने के लिए बेंच है ना ही पेयजल और शौचालय की व्यवस्था। लोग यहां आने की बजाय शहर के अंदर से ही बस पकड़ना ज्यादा सुविधाजनक समझ रहे हैं। बसों को मुख्य सड़क से भूमि तक ले जाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से दो ट्रैफिक इंस्पेक्टरों की तैनाती की गई थी। लोगों का कहना है कि वह भी नियमित अपनी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। नतीजा यह है कि कई बसें सड़क से ही निकल जाती हैं और भूमि खाली पड़ी रहती है।
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यह है पूरा मामला
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय रूहेला की मांग पर शासन ने गांगूवाला में 0.7370 हेक्टेयर भूमि का चयन कर इसे रोडवेज बस अड्डा के लिए निशुल्क आवंटित किया है। उत्तराखंड परिवहन निगम ने भूमि को कब्जे में लेकर 19 जून को बसों के संचालन की प्रक्रिया अपनाई। इस दिन भाजपा नेताओं ने इसका शुभारंभ किया। सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार आर्य ने बताया कि भूमि पर बसों को रूकाया जा रहा है, लेकिन यात्री नहीं मिल रहे हैं। टीआई को नियमित डयूटी के लिए कहा गया है।
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परिवहन विभाग ने सुविधाओं की अस्थाई व्यवस्था के लिए नगर पालिका प्रशासन को एनओसी जारी की है। बस अड्डा निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये की डीपीआर बनी है। जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
- विनय कुमार रूहेला, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन विभाग