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Udham Singh Nagar News: डेडलाइन बीती, फिर भी 2.25 लाख छात्रों की नहीं बनी अपार आईडी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:20 AM IST
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रुद्रपुर। अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। समय सीमा निकलने के बाद भी अब तक 2.25 लाख छात्रों की अपार आईडी नहीं बन पाई है। जसपुर इस मामले में सबसे ज्यादा पिछड़ा है।
शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को 31 मई 2026 तक कक्षा एक से 12वीं तक के प्रत्येक छात्र की अपार आईडी बनवाने के निर्देश दिए थे लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी जिले में लाखों विद्यार्थियों का पंजीकरण अधूरा पड़ा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में अब भी 2.25 लाख से अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी बननी शेष है।
अधिकारियों के सामने अब शेष छात्रों का पंजीकरण पूरा कर लक्ष्य हासिल करने की चुनौती खड़ी हो गई है। अपार आईडी निर्माण की स्थिति पर नजर डालें तो जसपुर ब्लॉक सबसे पीछे दिखाई दे रहा है। यहां कुल 46,943 विद्यार्थियों के सापेक्ष केवल 28,969 छात्रों की ही अपार आईडी बन सकी है। इसके विपरीत जिला मुख्यालय रुद्रपुर में सर्वाधिक छात्र संख्या होने के कारण सबसे ज्यादा 89,902 आईडी तैयार की गई है। अभी भी करीब 41 हजार छात्रों की आईडी बनना बाकी है।
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क्या है अपार आईडी
अपार आईडी प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल पहचान प्रदान करती है। इसके माध्यम से छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड, अंकपत्र, प्रमाणपत्र और अन्य विवरण एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहते हैं। इससे भविष्य में स्कूल परिवर्तन, उच्च शिक्षा में प्रवेश और दस्तावेज के सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
वर्जन::
निर्धारित समय-सीमा गुजरने के बाद भी अभियान जारी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने के लिए विद्यालयों के साथ समन्वय बनाकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि जिन बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी है वह संबंधित विद्यालय से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कराएं। -हरेंद्र मिश्रा, प्रभारी, सीईओ
शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को 31 मई 2026 तक कक्षा एक से 12वीं तक के प्रत्येक छात्र की अपार आईडी बनवाने के निर्देश दिए थे लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी जिले में लाखों विद्यार्थियों का पंजीकरण अधूरा पड़ा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में अब भी 2.25 लाख से अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी बननी शेष है।
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अधिकारियों के सामने अब शेष छात्रों का पंजीकरण पूरा कर लक्ष्य हासिल करने की चुनौती खड़ी हो गई है। अपार आईडी निर्माण की स्थिति पर नजर डालें तो जसपुर ब्लॉक सबसे पीछे दिखाई दे रहा है। यहां कुल 46,943 विद्यार्थियों के सापेक्ष केवल 28,969 छात्रों की ही अपार आईडी बन सकी है। इसके विपरीत जिला मुख्यालय रुद्रपुर में सर्वाधिक छात्र संख्या होने के कारण सबसे ज्यादा 89,902 आईडी तैयार की गई है। अभी भी करीब 41 हजार छात्रों की आईडी बनना बाकी है।
क्या है अपार आईडी
अपार आईडी प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल पहचान प्रदान करती है। इसके माध्यम से छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड, अंकपत्र, प्रमाणपत्र और अन्य विवरण एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहते हैं। इससे भविष्य में स्कूल परिवर्तन, उच्च शिक्षा में प्रवेश और दस्तावेज के सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
वर्जन::
निर्धारित समय-सीमा गुजरने के बाद भी अभियान जारी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने के लिए विद्यालयों के साथ समन्वय बनाकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि जिन बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी है वह संबंधित विद्यालय से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कराएं। -हरेंद्र मिश्रा, प्रभारी, सीईओ