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Udham Singh Nagar News: अब असफलता नहीं बनेगी बेड़ियां, हर हाल में पूरी होगी पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:50 AM IST
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रुद्रपुर। दसवीं और बारहवीं के इम्तिहान में असफल होने वाले विद्यार्थियों को अब किसी भी कारण से हताश होकर पढ़ाई छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें असफलता की बेड़ियां पढ़ाई पूरी होने से नहीं रोक सकेगी। शिक्षा मंत्रालय ऐसे छात्र-छात्राओं को ट्रैक कर उन्हें फिर से स्कूलों से जोड़ने के लिए मिशन मोड़ के जरिए एक बड़ी मुहिम शुरू करने जा रहा है।
जिले में माध्यमिक के 127 शासकीय, 29 अशासकीय और 986 प्रारंभिक के विद्यालय संचालित हैं। इनमें पढ़ने वाले करीब दो लाख विद्यार्थियों में से फेल होने वाले लाखों बच्चों को केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की कोशिश रहेगी कि उन्हें ट्रैक कर कैसे भी करके फिर से स्कूली शिक्षा से जोड़ा जा सके। इसके लिए इन बच्चों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) या राज्यों के मुक्त विद्यालयों के जरिए पढ़ाई पूरी कराई जाएगी।
बीते वर्ष जिले भर के दसवीं में 10 फीसदी और बारहवीं में 17 फीसदी बच्चे फेल हो गए थे। शिक्षा मंत्रालय ने फेल होने वाले या पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों को वापस पढ़ाई से जोड़ने के लिए जो योजना बनाई है, उनमें ऐसे सभी छात्रों की सूची एनआईओएस या राज्यों के मुक्त विद्यालयों के साथ साझा की जाएगी।
एनआईओएस या मुक्त विद्यालय इन बच्चों से स्वयं संपर्क करेंगे और उन्हें फिर से पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे। इतना ही नहीं, यदि कोई विद्यार्थी खराब आर्थिक स्थिति के चलते आगे की पढ़ाई करने में असमर्थ है तो उसे भी समग्र शिक्षा के जरिए राज्यों को उनकी फीस चुकाने और निशुल्क किताबें आदि मुहैया कराने के लिए मंत्रालय कहेगा।
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प्रत्येक ब्लॉक में खुलेंगे केंद्र
इसके साथ ही मंत्रालय ने प्रत्येक ब्लाॅक में पीएम-श्री स्कूलों के परिसर में एक एनआईओएस केंद्र भी खोलने की योजना बनाई है। ताकि, स्थानीय स्तर पर ही ऐसे बच्चों को ट्रैक कर दाखिला दिलवाकर उन्हें शिक्षा के अधिकार से परिपूर्ण किया जा सके।
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अधिकतर ऐसा होता है कि बच्चे फेल होने के बाद हतोत्साहित हो जाते हैं। मंत्रालय की यह पहल वास्तव में रंग लाएगी।
-केएस रावत, सीईओ
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जिले में माध्यमिक के 127 शासकीय, 29 अशासकीय और 986 प्रारंभिक के विद्यालय संचालित हैं। इनमें पढ़ने वाले करीब दो लाख विद्यार्थियों में से फेल होने वाले लाखों बच्चों को केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की कोशिश रहेगी कि उन्हें ट्रैक कर कैसे भी करके फिर से स्कूली शिक्षा से जोड़ा जा सके। इसके लिए इन बच्चों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) या राज्यों के मुक्त विद्यालयों के जरिए पढ़ाई पूरी कराई जाएगी।
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बीते वर्ष जिले भर के दसवीं में 10 फीसदी और बारहवीं में 17 फीसदी बच्चे फेल हो गए थे। शिक्षा मंत्रालय ने फेल होने वाले या पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों को वापस पढ़ाई से जोड़ने के लिए जो योजना बनाई है, उनमें ऐसे सभी छात्रों की सूची एनआईओएस या राज्यों के मुक्त विद्यालयों के साथ साझा की जाएगी।
एनआईओएस या मुक्त विद्यालय इन बच्चों से स्वयं संपर्क करेंगे और उन्हें फिर से पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे। इतना ही नहीं, यदि कोई विद्यार्थी खराब आर्थिक स्थिति के चलते आगे की पढ़ाई करने में असमर्थ है तो उसे भी समग्र शिक्षा के जरिए राज्यों को उनकी फीस चुकाने और निशुल्क किताबें आदि मुहैया कराने के लिए मंत्रालय कहेगा।
प्रत्येक ब्लॉक में खुलेंगे केंद्र
इसके साथ ही मंत्रालय ने प्रत्येक ब्लाॅक में पीएम-श्री स्कूलों के परिसर में एक एनआईओएस केंद्र भी खोलने की योजना बनाई है। ताकि, स्थानीय स्तर पर ही ऐसे बच्चों को ट्रैक कर दाखिला दिलवाकर उन्हें शिक्षा के अधिकार से परिपूर्ण किया जा सके।
अधिकतर ऐसा होता है कि बच्चे फेल होने के बाद हतोत्साहित हो जाते हैं। मंत्रालय की यह पहल वास्तव में रंग लाएगी।
-केएस रावत, सीईओ

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