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Udham Singh Nagar News: बच्चों की बगिया में रोपे प्रेरणा के पाैधे
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 09 Jan 2026 01:17 AM IST
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रुद्रपुर। एएन झा इंटर कॉलेज परिसर में प्रेरक पहल की गई है। यहां बीते दिनों दो एकड़ में आम, लीची और अमरूद के करीब 300 पौधे लगाए गए हैं। अब विद्यार्थियों को बिना रसायन वाले पौष्टिक फल मिलेंगे और वह फल उत्पादन का ज्ञान लेकर बागवानी कर सकेंगे।
सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही एक बार जेहन में बिगड़े हालात और दुर्दशा के शिकार विद्यालयों की तस्वीर उभरती है लेकिन पिछले ढाई साल में एक प्रधानाचार्य ने अपनी शिक्षकों की टीम के साथ स्कूल में कई बदलाव किए और बच्चों को जीवन में आने वाली परेशानियों से निकलने का जज्बा सिखाया।
पिछले आठ दिनों से स्कूलों में शीतावकाश है। स्कूल के प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा ने खाली समय का सदुपयोग कर स्कूल में आम, अमरूद और लीची के 300 पौधे लगवाए हैं। यह कार्य उन्होंने ग्रीनरी फाउंडेशन के सहयोग से किया है। नियमित रूप से उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी ली है। छह माह पहले भी उन्होंने विद्यालय भवन के पीछे की ओर खाली पड़े मैदान में 1400 पौधे रोपे थे जिनमें 800 पौधे आम, 250 आंवला और 250 पौधे अमरूद के थे। अब पौधों की अधिकता से पूरा स्कूल परिसर बगीचे जैसा अहसास कराता है।
तीन कतार में उद्यान तैयार
प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा के साथ शिक्षकों की मेहनत से स्कूल में विकसित किया गया उद्यान तीन कतारों में बनाया गया है। इसमें 200 पौधे आम, 50 अमरूद और 50 पौधे लीची के लगाए गए हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने पौधे रोपने के लिए सीईओ को प्रस्ताव भेजा था और उन्होंने निरीक्षण के बाद अपनी सहमति दे दी थी जिसके बाद फलदार पौधे रोपे गए।
नवाचार की मिसाल
स्कूल के प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा लगातार ऐसी पहल करते रहे हैं। इससे पहले उन्होंने टीम के साथ मिलकर शिक्षण व्यवस्था में प्रयोग किए और स्टूडेंट टाइम टेबल एट होम (घर पर ऑनलाइन पढ़ाई) शुरू कराया। इसके अलावा अपने वेतन से रामायण और चौपाई लिखी फलैक्सी लगवाने जैसे नवाचारों के साथ मिसाल पेश की है।
कोट-
प्रधानाचार्य ने स्कूल में उद्यान विकसित करने के लिए प्रस्ताव दिया था। यह अच्छी पहल है और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। - केएस रावत, सीईओ
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सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही एक बार जेहन में बिगड़े हालात और दुर्दशा के शिकार विद्यालयों की तस्वीर उभरती है लेकिन पिछले ढाई साल में एक प्रधानाचार्य ने अपनी शिक्षकों की टीम के साथ स्कूल में कई बदलाव किए और बच्चों को जीवन में आने वाली परेशानियों से निकलने का जज्बा सिखाया।
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पिछले आठ दिनों से स्कूलों में शीतावकाश है। स्कूल के प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा ने खाली समय का सदुपयोग कर स्कूल में आम, अमरूद और लीची के 300 पौधे लगवाए हैं। यह कार्य उन्होंने ग्रीनरी फाउंडेशन के सहयोग से किया है। नियमित रूप से उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी ली है। छह माह पहले भी उन्होंने विद्यालय भवन के पीछे की ओर खाली पड़े मैदान में 1400 पौधे रोपे थे जिनमें 800 पौधे आम, 250 आंवला और 250 पौधे अमरूद के थे। अब पौधों की अधिकता से पूरा स्कूल परिसर बगीचे जैसा अहसास कराता है।
तीन कतार में उद्यान तैयार
प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा के साथ शिक्षकों की मेहनत से स्कूल में विकसित किया गया उद्यान तीन कतारों में बनाया गया है। इसमें 200 पौधे आम, 50 अमरूद और 50 पौधे लीची के लगाए गए हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने पौधे रोपने के लिए सीईओ को प्रस्ताव भेजा था और उन्होंने निरीक्षण के बाद अपनी सहमति दे दी थी जिसके बाद फलदार पौधे रोपे गए।
नवाचार की मिसाल
स्कूल के प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा लगातार ऐसी पहल करते रहे हैं। इससे पहले उन्होंने टीम के साथ मिलकर शिक्षण व्यवस्था में प्रयोग किए और स्टूडेंट टाइम टेबल एट होम (घर पर ऑनलाइन पढ़ाई) शुरू कराया। इसके अलावा अपने वेतन से रामायण और चौपाई लिखी फलैक्सी लगवाने जैसे नवाचारों के साथ मिसाल पेश की है।
कोट-
प्रधानाचार्य ने स्कूल में उद्यान विकसित करने के लिए प्रस्ताव दिया था। यह अच्छी पहल है और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। - केएस रावत, सीईओ