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Uttarakhand: रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को सौगात, जिला चिकित्सालय हुआ हस्तांतरित

प्रशांत पांडेय Published by: गायत्री जोशी Updated Sat, 24 Jan 2026 12:44 PM IST
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सार

जिला चिकित्सालय का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण अब सीधे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और निदेशक के अधीन रहेगा।

Rudrapur Medical College gets a gift, District Hospital transferred in rudrapur
- फोटो : istock
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विस्तार
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रुद्रपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक सत्रों के सुचारु संचालन और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। शासन से जारी पत्र के अनुसार जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय को चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग से अलग करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन हस्तांतरित कर दिया है। यह आदेश शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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शासनादेश के तहत अब जिला चिकित्सालय का प्रशासनिक व वित्तीय नियंत्रण सीधे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और निदेशक के अधीन रहेगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के बीच वर्षों से चली आ रही दोहरी व्यवस्था समाप्त होगी और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी। विशेषज्ञों कहते हैं कि इससे न केवल मरीजों को बेहतर और समयबद्ध उपचार मिलेगा बल्कि मेडिकल छात्रों को भी आवश्यक क्लीनिकल प्रशिक्षण एक ही छत के नीचे सुलभ हो सकेगा।

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आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिला चिकित्सालय में एनएमसी मानकों के अनुरूप जो भी उपकरण व औषधियां शेष हैं, उनकी व्यवस्था अब चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से की जाएगी। इससे अस्पताल की आधारभूत संरचना, जांच सुविधाएं, ओपीडी और आईपीडी सेवाओं में गुणात्मक सुधार होने की उम्मीद है। लंबे समय से उपकरणों और दवाओं की कमी को लेकर उठते सवालों पर भी यह निर्णय प्रभावी जवाब माना जा रहा है।

कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासन ने संक्रमणकालीन व्यवस्था भी तय की है। चिकित्सालय में कार्यरत समस्त स्टाफ का वेतन भुगतान एक साल तक वर्तमान व्यवस्था के तहत चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जाएगा। एक वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद जिला चिकित्सालय व उससे संबद्ध सभी चिकित्सा इकाइयों का पूर्ण संचालन विधिवत रूप से चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को तत्काल किसी प्रकार की सेवा या वेतन संबंधी असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

यह आदेश मेडिकल कॉलेज के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा। जिला चिकित्सालय के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन आने से शैक्षणिक और चिकित्सकीय दोनों स्तरों पर एकरूपता आएगी। अब छात्र, चिकित्सक और प्रशासन एक ही सिस्टम के तहत काम करेंगे, जिससे न केवल पढ़ाई और प्रशिक्षण का स्तर सुधरेगा बल्कि मरीजों को भी विशेषज्ञ सेवाएं बेहतर ढंग से मिल सकेंगी। कॉलेज प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक उपकरणों, दवाओं और मानव संसाधन की समीक्षा करेगा ताकि एनएमसी मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी की जा सकें।-डॉ. जीएस तितियाल, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज

यह निर्णय संक्रमणकालीन व्यवस्था के तहत सुव्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा ताकि आम जनता और कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला चिकित्सालय के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन हस्तांतरण के बावजूद मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ववत निर्बाध रूप से चलती रहेंगी। ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाएं और सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम यथावत संचालित किए जाएंगे। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ

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