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UK: तहसील में बंधकों ने चाय-बिस्कुट के सहारे काटी रात, न बिस्तर मिला...न भोजन, 21 घंटे तक चला गतिरोध

Fri, 31 Jul 2026 07:02 AM IST
Heera राहुल कन्नौजिया
राहुल कन्नौजिया Published by: Heera Updated Fri, 31 Jul 2026 07:02 AM IST
सार

सितारगंज तहसील में विजिलेंस कार्रवाई के बाद फंसे अधिकारियों-कर्मचारियों को भोजन व बिस्तर नहीं मिला। कई ने चाय-बिस्कुट पर गुजारा किया, तो कुछ ने कुर्सी, टेबल या फर्श पर बैठकर-लेटकर रात बिताई।

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The hostages spent the night in the Sitarganj tehsil with the help of tea and biscuits
रिहाई के बाद गले लगा कर बधाई देते राजस्व कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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विजिलेंस की कार्रवाई के बाद सितारगंज तहसील परिसर में उत्पन्न गतिरोध के बीच बुधवार की रात तहसील भवन के भीतर और बाहर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में रात बिताई। कई अधिकारी और कर्मचारी घंटों तक भवन के भीतर ही फंसे रहे जबकि बाहर कर्मचारी संगठन धरने पर डटे रहे।

तहसील भवन के अंदर मौजूद लोगों के लिए भोजन की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में कई लोगों ने अपने परिचितों को फोन कर चाय, बिस्कुट और हल्का नाश्ता मंगवाया। अधिकतर लोगों ने केवल चाय, पानी और बिस्कुट के सहारे समय बिताया। कई लोग बिना भोजन किए ही रात गुजारने के लिए मजबूर रहे। भवन के भीतर किसी प्रकार के बिस्तर या विश्राम की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में किसी ने कुर्सी पर बैठकर, किसी ने टेबल के सहारे, तो किसी ने फर्श पर लेटकर रात काटी।

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उधर, तहसील परिसर के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी भी दरी बिछाकर खुले आसमान के नीचे सो गए जबकि कुछ लोग अपनी-अपनी गाड़ियों में ही रात बिताते नजर आए। बाहर मौजूद कर्मचारियों ने बाजार से चाय-नाश्ता और हल्का भोजन कर अपनी व्यवस्था की। 

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रिहाई के बाद दोनों कर्मचारियों को लगाया गले, बोले-हमारी नैतिक जीत
कथित रिश्वत प्रकरण में विजिलेंस की ओर ट्रैप किए गए संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार को बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन के सुपुर्द किए जाने के बाद तहसील परिसर का माहौल पूरी तरह बदल गया। दोनों कर्मचारियों के बाहर आते ही राजस्व कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने गले लगाकर उनका स्वागत किया। कई कर्मचारियों ने इसे अपनी नैतिक जीत बताते हुए एक-दूसरे को बधाई दी। इस घटनाक्रम के बाद कर्मचारी संयुक्त परिषद, संग्रह अमीन संघ, लेखपाल संघ और अन्य संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने और विजिलेंस की कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की। 

विजिलेंस ट्रैप प्रकरण : कब क्या हुआ

  • 29 जुलाई दिन बुधवार को शाम 3.30 बजे विजिलेंस टीम ने तहसील के दो कर्मियों को रिश्वत लेते ट्रैप किया।
  • 4.00 बजे विजिलेंस ने आरोपी तहसील कर्मियों से पूछताछ शुरू की।
  • 5.00 बजे तहसीलदार हिमांशु जोशी ने विजिलेंस की कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया।
  • 5.14 बजे तहसील कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू किया।
  • 6.00 बजे तहसील के दोनों मुख्य गेटों में ताला लगाकर संग्रह अमीन संघ ने विजिलेंस कर्मियों को बंधक बनाने की घोषणा की।
  • 6.30 बजे आक्रोशित कर्मचारियों ने विजिलेंस टीम के कमरे की लाइट बंद कर दी।
  • 6.45 बजे पुलिसकर्मियों ने लाइट ऑन कर उनके कमरे के बाहर पहरा दिया।
  • रात 8.00 बजे शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लाइन से पुलिस कर्मियों ने पहुंचना शुरू कर दिया।
  • 9.00 बजे तहसील कर्मियों की विजिलेंस के अधिकारियों के साथ नोकझोंक हुई।
  • 9.30 बजे तहसील गेट के बाहर कर्मियों ने दही बेचकर धरना देने का प्रयास किया।
  • 10.00 बजे परिसर के भीतर कर्मचारी धरने में बैठकर नारेबाजी करने लगे।
  • 10.30 बजे तहसीलदार सितारगंज, तहसीलदार खटीमा और नायब तहसीलदार नानकमत्ता ने कर्मियों से वार्ता की।
  • 10.40 बजे तहसील कर्मी राजस्व विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों का इंतजार करते रहे।
  • 11.00 बजे पुलिस ने आंदोलन कर रहे लोगों को समझने का प्रयास किया गया।
  • 11.25 बजे आंदोलन कर रहे कर्मियों की जिलास्तर के अधिकारियों से वार्ता हुई।
  • 11.30 बजे आंदोलन कर्मियों ने तहसील परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
  • 11.35 बजे पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा तहसील स्थल पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे कर्मियों को समझाने का प्रयास किया।
  • 11.40 बजे से नानकमत्ता से ग्रामीणों का आना शुरू हुआ।
  • 11.50 जिलास्तर के अधिकारियों से वार्ता के बाद अंदर के लोगों को अंदर और बाहर के लोगों को बाहर रहने पर सहमति बनी।
  • 12.00 बजे यथास्थिति बनी रही और पुलिसकर्मी टीन शेड मैं बैठकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी करते रहे।
  • 12.30 बजे तहसील परिसर के अंदर के लोग कुर्सी-मेज और फर्श पर सो गए। इधर, तहसील के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोग अपने अपने वाहन या बाहर दरी बिछाकर सो गए।
  • अगले दिन 30 जुलाई दिन बृहस्पतिवार को
  • सुबह 6:00 बजे प्रदर्शन कर रहे लोगों ने फिर हंगामा शुरू किया।
  • 8.00 बजे से एसडीएम और तहसीलदार का आना शुरू हो गया।
  • 9:00 बजे उच्च अधिकारियों की जिला स्तरीय अधिकारियों से फोन पर वार्ता शुरू हुई।
  • 10.00 बजे एसडीएम तुषार सैनी और विजिलेंस के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई।
  • 11. 00 बजे सभी लोगों ने चाय नाश्ता किया।
  • दोपहर 12.00 बजे विजिलेंस के अधिकारियों से संग्रह अमीन और सहायक लेखाकार को छोड़ने पर सहमति बनी।
  • 12.15 बजे संग्रह अमीन और सहायक लेखाकार को तहसील प्रशासन के सुपुर्द किया गया।
  • 12.30 बजे विजिलेंस टीम को सुरक्षित तहसील परिसर से बाहर निकाला गया।
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