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Nainital News: चट्टान में मिली दरार का ट्रीटमेंट प्लान तैयार
Sun, 02 Aug 2026 02:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 02 Aug 2026 02:36 AM IST
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हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान चट्टान में मिले गैप (दरार) का ट्रीटमेंट प्लान तैयार कर लिया गया है। फिलहाल यह पता लगाया जाना है कि यह गैप चट्टान में कितने मीटर तक फैला हुआ है। इसके लिए जियोफिजिकल सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग को भेज दी गई है।
जमरानी बांध परियोजना इकाई के उप महाप्रबंधक बीबी पांडेय ने बताया कि खोदाई के दौरान चट्टान में यह गैप सामने आया था। अभी यह पता लगाने के लिए जियो फिजिकल सर्वे कराया जा रहा है कि यह गैप चट्टान में कितनी गहराई और दूरी तक गया है। सर्वे की पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही ट्रीटमेंट का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम ने गैप के ट्रीटमेंट के लिए प्रारंभिक प्लान तैयार कर लिया है लेकिन काम शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गैप का विस्तार कितना है। इसी आधार पर ग्राउटिंग और अन्य सुदृढ़ीकरण का काम किया जाएगा ताकि बांध की मजबूती और सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। डीजीएम पांडेय ने बताया कि इस संबंध में पूरी तकनीकी रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग को भेजी गई है। केंद्रीय जल आयोग के निर्देश और अनुमति मिलने के बाद ही आगे का ट्रीटमेंट कार्य शुरू होगा। परियोजना में गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोपरि है इसलिए किसी भी स्तर पर जल्दबाजी नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि जमरानी बांध उत्तराखंड की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक है। इससे कुमाऊं क्षेत्र के भाबर को पेयजल और कुमाऊं और यूपी के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
डूब क्षेत्र के 12 गांवों की बदलेगी तस्वीर
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले डूब क्षेत्र और उसके आसपास के गांवों में अब बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर होगी। परियोजना इकाई ने ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए 12 गांवों में बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू करने की योजना है।
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जमरानी बांध परियोजना इकाई के प्रबंधक हिमांशु पंत ने बताया कि गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण काम किए जा रहे हैं। पहले चरण में 12 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं। अब 500 नई स्ट्रीट लाइटें और लगाकर पूरे क्षेत्र को रोशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए गांवों में सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी। इससे किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी। बच्चों के लिए खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी खेल-कूद कर अपना शारीरिक और मानसिक विकास कर सकें। सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों का निर्माण भी किया जाएगा। प्रबंधक पंत ने कहा कि ग्रामीणों की मांग और जरूरतों के हिसाब से अन्य सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी।
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जमरानी बांध परियोजना इकाई के उप महाप्रबंधक बीबी पांडेय ने बताया कि खोदाई के दौरान चट्टान में यह गैप सामने आया था। अभी यह पता लगाने के लिए जियो फिजिकल सर्वे कराया जा रहा है कि यह गैप चट्टान में कितनी गहराई और दूरी तक गया है। सर्वे की पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही ट्रीटमेंट का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम ने गैप के ट्रीटमेंट के लिए प्रारंभिक प्लान तैयार कर लिया है लेकिन काम शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गैप का विस्तार कितना है। इसी आधार पर ग्राउटिंग और अन्य सुदृढ़ीकरण का काम किया जाएगा ताकि बांध की मजबूती और सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। डीजीएम पांडेय ने बताया कि इस संबंध में पूरी तकनीकी रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग को भेजी गई है। केंद्रीय जल आयोग के निर्देश और अनुमति मिलने के बाद ही आगे का ट्रीटमेंट कार्य शुरू होगा। परियोजना में गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोपरि है इसलिए किसी भी स्तर पर जल्दबाजी नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि जमरानी बांध उत्तराखंड की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक है। इससे कुमाऊं क्षेत्र के भाबर को पेयजल और कुमाऊं और यूपी के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
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डूब क्षेत्र के 12 गांवों की बदलेगी तस्वीर
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले डूब क्षेत्र और उसके आसपास के गांवों में अब बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर होगी। परियोजना इकाई ने ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए 12 गांवों में बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू करने की योजना है।
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जमरानी बांध परियोजना इकाई के प्रबंधक हिमांशु पंत ने बताया कि गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण काम किए जा रहे हैं। पहले चरण में 12 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं। अब 500 नई स्ट्रीट लाइटें और लगाकर पूरे क्षेत्र को रोशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए गांवों में सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी। इससे किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी। बच्चों के लिए खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी खेल-कूद कर अपना शारीरिक और मानसिक विकास कर सकें। सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों का निर्माण भी किया जाएगा। प्रबंधक पंत ने कहा कि ग्रामीणों की मांग और जरूरतों के हिसाब से अन्य सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी।