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Uttarkashi News: ऑल वेदर रोड प्रभावितों को मुआवजे की उम्मीद, 16 परिसंपत्तियों की जांच पूरी
Fri, 10 Jul 2026 07:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 10 Jul 2026 07:05 PM IST
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आरओडब्ल्यू से बाहर क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी
-चार करोड़ से अधिक मुआवजे का प्रस्ताव
दिनेश रावत
बड़कोट। ऑल वेदर रोड परियोजना से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-134 के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से बाहर स्थित 16 क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की संयुक्त स्थलीय जांच पूरी कर ली गई है। अब जांच रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी, जिसके बाद चार करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का रास्ता साफ होने की संभावना है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच समिति ने बृहस्पतिवार को प्रभावित परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया। जांच में भवनों में आई दरारों, क्षति के कारणों, निर्माण स्थिति, स्लोप फेल्योर और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया गया। इसमें प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से तथ्यों का सत्यापन किया। धरासू बैंड से फूलचट्टी तक सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित करीब डेढ़ दर्जन मामलों का निस्तारण लंबे समय से लंबित था। एसडीएम बड़कोट और एसडीएम डुंडा की अध्यक्षता में गठित समिति ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत जांच पूरी की। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि प्रभावित मामलों के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
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-चार करोड़ से अधिक मुआवजे का प्रस्ताव
दिनेश रावत
बड़कोट। ऑल वेदर रोड परियोजना से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-134 के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से बाहर स्थित 16 क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की संयुक्त स्थलीय जांच पूरी कर ली गई है। अब जांच रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी, जिसके बाद चार करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का रास्ता साफ होने की संभावना है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच समिति ने बृहस्पतिवार को प्रभावित परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया। जांच में भवनों में आई दरारों, क्षति के कारणों, निर्माण स्थिति, स्लोप फेल्योर और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया गया। इसमें प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से तथ्यों का सत्यापन किया। धरासू बैंड से फूलचट्टी तक सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित करीब डेढ़ दर्जन मामलों का निस्तारण लंबे समय से लंबित था। एसडीएम बड़कोट और एसडीएम डुंडा की अध्यक्षता में गठित समिति ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत जांच पूरी की। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि प्रभावित मामलों के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी।