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Uttarkashi News: घायल महिला को पीठ पर चार किमी पैदल सड़क तक पहुंचाया
Sat, 04 Jul 2026 04:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 04 Jul 2026 04:47 PM IST
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पोखरी ग्राम पंचायत सड़क से नहीं जुड़ी होने से लोग आए दिन होते हैं परेशान
पुरोला। ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने के सरकारी दावे हकीकत से काफी दूर हैं। मोरी विकासखंड की ग्राम पंचायत पोखरी आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। इसका खामियाजा गांव के बीमारों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना में घायल लोगों को उठाना पड़ रहा है।
बीते शुक्रवार को पोखरी निवासी 35 वर्षीय संगीता पत्नी चैन सिंह, खेत में काम करते समय पैर फिसलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें चार किलोमीटर तक पीठ पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से वाहन से पहले नैटवाड़ और फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए उपजिला चिकित्सालय पुरोला रेफर किया गया। ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि गांव में हर आपात स्थिति में मरीजों को चार किलोमीटर पैदल पीठ पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। कई बार सड़क पर भी वाहन नहीं मिलता तब मरीजों को नैटवाड़ तक खच्चरों या पीठ के सहारे ले जाना पड़ता है।
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सहायक अभियंता सुभाष दोरियाल ने बताया कि पोखरी मोटर मार्ग का सर्वे पूरा हो चुका है। फिलहाल वन स्वीकृति और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद टेंडर जारी किए जाएंगे।
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पुरोला। ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने के सरकारी दावे हकीकत से काफी दूर हैं। मोरी विकासखंड की ग्राम पंचायत पोखरी आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। इसका खामियाजा गांव के बीमारों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना में घायल लोगों को उठाना पड़ रहा है।
बीते शुक्रवार को पोखरी निवासी 35 वर्षीय संगीता पत्नी चैन सिंह, खेत में काम करते समय पैर फिसलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें चार किलोमीटर तक पीठ पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से वाहन से पहले नैटवाड़ और फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी ले जाया गया।
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प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए उपजिला चिकित्सालय पुरोला रेफर किया गया। ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि गांव में हर आपात स्थिति में मरीजों को चार किलोमीटर पैदल पीठ पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। कई बार सड़क पर भी वाहन नहीं मिलता तब मरीजों को नैटवाड़ तक खच्चरों या पीठ के सहारे ले जाना पड़ता है।
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सहायक अभियंता सुभाष दोरियाल ने बताया कि पोखरी मोटर मार्ग का सर्वे पूरा हो चुका है। फिलहाल वन स्वीकृति और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद टेंडर जारी किए जाएंगे।