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Uttarkashi News: दिन, महीने, साल बीता पर मुआवजा नहीं मिल पाया
Thu, 09 Jul 2026 05:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 09 Jul 2026 05:20 PM IST
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स्यानाचट्टी आपदा को एक वर्ष बीतने के बाद भी प्रभावितों का नहीं मिल पाया मुआवजा
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि स्वीकृति के बाद भी राहत नहीं
बड़कोट। स्यानाचट्टी आपदा को एक वर्ष बीत चुका है लेकिन तबाही झेल चुके 19 परिवार आज भी राहत की सहायता राशि के इंतजार में हैं। विडंबना यह है कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से अप्रैल 2026 में करीब 61 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत हो चुकी है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर लाभार्थियों की सूची में खामियों का हवाला देते हुए भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
पिछले वर्ष बरसात के दौरान बड़कोट तहसील के अंतर्गत स्यानाचट्टी में यमुना नदी का प्रवाह बाधित होने से अस्थायी झील बन गई थी। जलस्तर बढ़ने पर पूरा स्यानाचट्टी कस्बा जलमग्न हो गया था जिससे कई मकानों और व्यवसायों को भारी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने 19 परिवारों को आपदा प्रभावित मानते हुए उनके लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से राहत सहायता स्वीकृत कराई थी।
आपदा प्रभावित जयपाल सिंह रावत, दिनेश राणा, शैलेंद्र राणा और विवेक राणा का कहना है कि राहत राशि जारी कराने की मांग को लेकर पीड़ितों का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में जिलाधिकारी से भी मिला था। बैठक के दो सप्ताह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सरकार ने सहायता राशि तो स्वीकृत कर दी लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार का खामियाजा अब पीड़ित परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। बड़कोट तहसीलदार रेनू सैनी ने बताया कि लाभार्थियों की जो सूची प्राप्त हुई है। उसमें कुछ खामियां पाई गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सहायता राशि के वितरण पर रोक लगाई गई है।
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मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि स्वीकृति के बाद भी राहत नहीं
बड़कोट। स्यानाचट्टी आपदा को एक वर्ष बीत चुका है लेकिन तबाही झेल चुके 19 परिवार आज भी राहत की सहायता राशि के इंतजार में हैं। विडंबना यह है कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से अप्रैल 2026 में करीब 61 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत हो चुकी है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर लाभार्थियों की सूची में खामियों का हवाला देते हुए भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
पिछले वर्ष बरसात के दौरान बड़कोट तहसील के अंतर्गत स्यानाचट्टी में यमुना नदी का प्रवाह बाधित होने से अस्थायी झील बन गई थी। जलस्तर बढ़ने पर पूरा स्यानाचट्टी कस्बा जलमग्न हो गया था जिससे कई मकानों और व्यवसायों को भारी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने 19 परिवारों को आपदा प्रभावित मानते हुए उनके लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से राहत सहायता स्वीकृत कराई थी।
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आपदा प्रभावित जयपाल सिंह रावत, दिनेश राणा, शैलेंद्र राणा और विवेक राणा का कहना है कि राहत राशि जारी कराने की मांग को लेकर पीड़ितों का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में जिलाधिकारी से भी मिला था। बैठक के दो सप्ताह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सरकार ने सहायता राशि तो स्वीकृत कर दी लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार का खामियाजा अब पीड़ित परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। बड़कोट तहसीलदार रेनू सैनी ने बताया कि लाभार्थियों की जो सूची प्राप्त हुई है। उसमें कुछ खामियां पाई गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सहायता राशि के वितरण पर रोक लगाई गई है।
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