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Uttarkashi News: सीमांत गांवों को ट्रैकिंग होमस्टे अनुदान योजना से जोड़ने की मांग
Thu, 09 Jul 2026 05:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 09 Jul 2026 05:00 PM IST
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उत्तरकाशी। सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को रोजगार का मजबूत आधार बनाने और पलायन पर अंकुश लगाने की मांग तेज हो गई है। गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से वाइब्रेंट विलेज योजना में शामिल पुराली, जसपुर, सुक्की और झाला गांवों को राज्य की ट्रैकिंग होमस्टे अनुदान योजना से जोड़ने की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा का कहना है कि यह गांव पहले से ही केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना में शामिल हैं। लेकिन पर्यटन सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ब्रह्मताल, ऋषिवन, कंडारा बुग्याल, बंदरपूंछ बेस कैंप, अवाना बुग्याल, खादरा जलप्रपात और क्यारकोटी जैसे प्राकृतिक स्थल देश-विदेश के ट्रैकर्स और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। संवाद
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एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा का कहना है कि यह गांव पहले से ही केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना में शामिल हैं। लेकिन पर्यटन सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ब्रह्मताल, ऋषिवन, कंडारा बुग्याल, बंदरपूंछ बेस कैंप, अवाना बुग्याल, खादरा जलप्रपात और क्यारकोटी जैसे प्राकृतिक स्थल देश-विदेश के ट्रैकर्स और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। संवाद
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