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Earthquake in Uttarkashi: उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.5 रही तीव्रता

Thu, 16 Jul 2026 09:11 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, उत्तरकाशी
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तरकाशी Published by: Akash Dubey Updated Thu, 16 Jul 2026 09:11 PM IST
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Earthquake tremors felt in Uttarkashi
उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के झटके - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस हुए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 रही। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से 7 किलोमीटर अंदर था। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून के मुताबिक, सभी तहसील थानों से प्राप्त सूचना के अनुसार केवल तहसील भटवाडी अंतर्गत भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं, जिसका केंद्र पिलंग के जंगलों में बताया गया है। किसी भी तहसील में किसी प्रकार की कोई हानि होने की सूचना नहीं है।

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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

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कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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