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Uttarkashi News: स्यानाचट्टी और हर्षिल को आपदा से बचाने के लिए किए जाएंगे सुरक्षात्मक कार्य
Thu, 16 Jul 2026 07:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 16 Jul 2026 07:27 PM IST
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स्थायी समाधान ढूंढने के लिए डीएम ने गठित की टीम
टीम आज करेगी स्यानाचट्टी का स्थलीय निरीक्षण, फिर देखा जाएगा हर्षिल
उत्तरकाशी। जिला प्रशासन की ओर से स्यानाचट्टी सहित हर्षिल में बढ़ रहे आपदा के खतरे से निपटने के लिए स्थायी समाधान ढूंढा जा रहा है। डीएम प्रशांत आर्य के निर्देश पर एडीएम मुक्ता मिश्र की अध्यक्षता में टीम गठित कर शुक्रवार को स्यानाचट्टी का स्थलीय निरीक्षण करेगी। उसके बाद हर्षिल का निरीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन को भेजकर जल्द ही स्थायी सुरक्षात्मक कार्यों को शुरू किया जाएगा।
बीत दिनों स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण वहां पर गत वर्ष की भांति झील बनने के कारण आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। साथ ही स्यानाचट्टी पर भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। कुपड़ाखड्ड से गत वर्ष की आपदा में आया मलबा और यमुना नदी में जमा सिल्ट नदी के जलस्तर बढ़ते ही बड़ी आपदा का रूप ले रहा है।
दूसरी ओर हर्षिल में गंगा नदी में गत वर्ष बनी झील के बाद इस वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पूरी आबादी क्षेत्र सहित सेना की छावनी पर भी बड़ा खतरा बन गया है। हालांकि वहां पर सिंचाई विभाग की ओर अस्थाई सुरक्षात्मका कार्य किए जा रहे हैं लेकिन तेज बरसात में वह हर्षिल की सुरक्षा के लिए नाकाफी होंगे। डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि अब दोनों आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थायी सुरक्षा के लिए कवायद शुरू की गई है।
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एडीएम की अध्यक्षता में लोनिवि के अधीक्षण अभियंता सहित सिंचाई विभाग ओर आपदा प्रबंधन विभाग की टीम की स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। शुक्रवार को यह टीम स्यानाचट्टी का निरीक्षण करेगी। उसके बाद हर्षिल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी। डीएम ने कहा कि जल्द ही स्थाई सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे।
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टीम आज करेगी स्यानाचट्टी का स्थलीय निरीक्षण, फिर देखा जाएगा हर्षिल
उत्तरकाशी। जिला प्रशासन की ओर से स्यानाचट्टी सहित हर्षिल में बढ़ रहे आपदा के खतरे से निपटने के लिए स्थायी समाधान ढूंढा जा रहा है। डीएम प्रशांत आर्य के निर्देश पर एडीएम मुक्ता मिश्र की अध्यक्षता में टीम गठित कर शुक्रवार को स्यानाचट्टी का स्थलीय निरीक्षण करेगी। उसके बाद हर्षिल का निरीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन को भेजकर जल्द ही स्थायी सुरक्षात्मक कार्यों को शुरू किया जाएगा।
बीत दिनों स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण वहां पर गत वर्ष की भांति झील बनने के कारण आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। साथ ही स्यानाचट्टी पर भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। कुपड़ाखड्ड से गत वर्ष की आपदा में आया मलबा और यमुना नदी में जमा सिल्ट नदी के जलस्तर बढ़ते ही बड़ी आपदा का रूप ले रहा है।
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दूसरी ओर हर्षिल में गंगा नदी में गत वर्ष बनी झील के बाद इस वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पूरी आबादी क्षेत्र सहित सेना की छावनी पर भी बड़ा खतरा बन गया है। हालांकि वहां पर सिंचाई विभाग की ओर अस्थाई सुरक्षात्मका कार्य किए जा रहे हैं लेकिन तेज बरसात में वह हर्षिल की सुरक्षा के लिए नाकाफी होंगे। डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि अब दोनों आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थायी सुरक्षा के लिए कवायद शुरू की गई है।
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एडीएम की अध्यक्षता में लोनिवि के अधीक्षण अभियंता सहित सिंचाई विभाग ओर आपदा प्रबंधन विभाग की टीम की स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। शुक्रवार को यह टीम स्यानाचट्टी का निरीक्षण करेगी। उसके बाद हर्षिल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी। डीएम ने कहा कि जल्द ही स्थाई सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे।