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Uttarkashi News: मानसून की दस्तक के साथ गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा पड़ी सुस्त
Wed, 08 Jul 2026 05:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 08 Jul 2026 05:44 PM IST
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यात्रियों की संख्या घटकर हजार के आसपास पहुंची
उत्तरकाशी। मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पीक सीजन में जहां दोनों धामों में प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे वहीं अब यात्रियों की संख्या घटकर महज एक से डेढ़ हजार प्रतिदिन रह गई है। वर्तमान में दोनों धामों की यात्रा लगभग न के बराबर चल रही है।
इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था। शुरुआती दौर में दोनों धामों में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। हालांकि जून से यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आने लगी। पीक सीजन में प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के मुकाबले जून में यह आंकड़ा घटकर पांच से सात हजार प्रतिदिन रह गया।
जुलाई में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ यात्रा पर और अधिक असर पड़ा है। वर्तमान में दोनों धामों में प्रतिदिन केवल एक से डेढ़ हजार श्रद्धालु ही पहुंच रहे हैं। इसके चलते यात्रा पूरी तरह सुस्त पड़ गई है और प्रमुख यात्रा पड़ावों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बरसात के दौरान लगातार भूस्खलन और सड़कों के बाधित रहने से श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं, अब कांवड़ यात्रा सीजन नजदीक आने के कारण भी चारधाम यात्रा का दबाव कम हो गया है। कुल मिलाकर इस वर्ष मानसून की शुरुआत के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। हालांकि अभी तक इस वर्ष दोनों धाम मिलाकर 13,20,163 श्रद्धालु मां गंगा व यमुना के दर्शन कर लौट चुके हैं।
...
जुलाई माह में प्रतिदिन पहुंचे यात्रियों का विवरण:
तारीख यमुनोत्री पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या गंगोत्री पहुंचे यात्रियों की संख्या
1 जुलाई 2043 2116
2 जुलाई 1711 2105
3 जुलाई 1475 2010
4 जुलाई 1620 1814
5 जुलाई 1520 1447
6 जुलाई 1039 1764
7 जुलाई 1105 1174
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उत्तरकाशी। मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पीक सीजन में जहां दोनों धामों में प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे वहीं अब यात्रियों की संख्या घटकर महज एक से डेढ़ हजार प्रतिदिन रह गई है। वर्तमान में दोनों धामों की यात्रा लगभग न के बराबर चल रही है।
इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था। शुरुआती दौर में दोनों धामों में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। हालांकि जून से यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आने लगी। पीक सीजन में प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के मुकाबले जून में यह आंकड़ा घटकर पांच से सात हजार प्रतिदिन रह गया।
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जुलाई में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ यात्रा पर और अधिक असर पड़ा है। वर्तमान में दोनों धामों में प्रतिदिन केवल एक से डेढ़ हजार श्रद्धालु ही पहुंच रहे हैं। इसके चलते यात्रा पूरी तरह सुस्त पड़ गई है और प्रमुख यात्रा पड़ावों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बरसात के दौरान लगातार भूस्खलन और सड़कों के बाधित रहने से श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं, अब कांवड़ यात्रा सीजन नजदीक आने के कारण भी चारधाम यात्रा का दबाव कम हो गया है। कुल मिलाकर इस वर्ष मानसून की शुरुआत के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। हालांकि अभी तक इस वर्ष दोनों धाम मिलाकर 13,20,163 श्रद्धालु मां गंगा व यमुना के दर्शन कर लौट चुके हैं।
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जुलाई माह में प्रतिदिन पहुंचे यात्रियों का विवरण:
तारीख यमुनोत्री पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या गंगोत्री पहुंचे यात्रियों की संख्या
1 जुलाई 2043 2116
2 जुलाई 1711 2105
3 जुलाई 1475 2010
4 जुलाई 1620 1814
5 जुलाई 1520 1447
6 जुलाई 1039 1764
7 जुलाई 1105 1174