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Uttarkashi News: मानसून शुरू होते ही बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
Wed, 08 Jul 2026 06:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 08 Jul 2026 06:58 PM IST
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उफान पर बह रहे खड्ड के बीच जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे ग्रामीण
उत्तरकाशी। मानसून शुरू होते ही मोरी विकासखंड के बड़ासु पट्टी के दूरस्थ पांच गांव के लोगों की चिंता बढ़ जाती है। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति खड्ड के उफान पर आने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। उफान पर बह रहे पानी के बीच लोगों को दोपहिया वाहन निकालने के लिए पांच से दस लोगों की आवश्यकता पड़ रही है। साथ ही बड़े वाहनोें और पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के बहने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा, वरदान सिंह का कहना है कि मानसून सीजन शुरू होते ही उनका देश-दुनिया से संपर्क कट जाता है। कहा कि बड़ासु क्षेत्र के पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर, तालुका आदि गांव को जोड़ने वाली सड़क पर हर वर्ष पूर्ति और हलारा खड्ड मुसीबत बनते हैं।
इस वर्ष भी बरसात शुरू होते ही दोनों खड्ड का जलस्तर बढ़ने के कारण उफान पर बह रहे हैं। इसके बीच से वाहन चालक जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। एक वाहन को निकालने के लिए दस से अधिक लोगों की मदद ली जा रही है। इस दौरान भी उफान पर बह रहे खड्ड में बहने का खतरा बना हुआ है। कहा कि अब क्षेत्र में सेब के साथ ही राजमा चौलाई आदि फसलों के निकलने का समय भी हो गया है लेकिन अभी मानसून के शुरुआती दौर में यह स्थिति है तो आने वाली बरसात में पांचों गांव का संपर्क पूरी तरह से मोरी विकासखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट जाएगा।
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जिलाधिकारी प्रशांत आर्य का कहना है कि मोरी की इस समस्या की जानकारी मिलने पर पीएमजीएसवाई को निर्देशित किया गया कि वहां पर सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आवाजाही सुचारू रखी जाए। साथ ही मानसून में वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए आपदा मद के तहत कार्य करने के निर्देश भी दिए हैं।
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उत्तरकाशी। मानसून शुरू होते ही मोरी विकासखंड के बड़ासु पट्टी के दूरस्थ पांच गांव के लोगों की चिंता बढ़ जाती है। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति खड्ड के उफान पर आने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। उफान पर बह रहे पानी के बीच लोगों को दोपहिया वाहन निकालने के लिए पांच से दस लोगों की आवश्यकता पड़ रही है। साथ ही बड़े वाहनोें और पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के बहने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा, वरदान सिंह का कहना है कि मानसून सीजन शुरू होते ही उनका देश-दुनिया से संपर्क कट जाता है। कहा कि बड़ासु क्षेत्र के पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर, तालुका आदि गांव को जोड़ने वाली सड़क पर हर वर्ष पूर्ति और हलारा खड्ड मुसीबत बनते हैं।
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इस वर्ष भी बरसात शुरू होते ही दोनों खड्ड का जलस्तर बढ़ने के कारण उफान पर बह रहे हैं। इसके बीच से वाहन चालक जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। एक वाहन को निकालने के लिए दस से अधिक लोगों की मदद ली जा रही है। इस दौरान भी उफान पर बह रहे खड्ड में बहने का खतरा बना हुआ है। कहा कि अब क्षेत्र में सेब के साथ ही राजमा चौलाई आदि फसलों के निकलने का समय भी हो गया है लेकिन अभी मानसून के शुरुआती दौर में यह स्थिति है तो आने वाली बरसात में पांचों गांव का संपर्क पूरी तरह से मोरी विकासखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट जाएगा।
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जिलाधिकारी प्रशांत आर्य का कहना है कि मोरी की इस समस्या की जानकारी मिलने पर पीएमजीएसवाई को निर्देशित किया गया कि वहां पर सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आवाजाही सुचारू रखी जाए। साथ ही मानसून में वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए आपदा मद के तहत कार्य करने के निर्देश भी दिए हैं।