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Uttarkashi News: नहर में सड़क कटिंग का मलबा डंप करने पर ग्रामीणों का हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 17 May 2026 07:34 PM IST
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24 घंटे के भीतर नहर से मलबा नहीं हटाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
धान की रोपाई और पौधों की सिंचाई नहीं होने से हो रही है दिक्कत
पुरोला। पुरोला-चंदेली सिंचाई नहर में सड़क कटिंग का मलबा डंप किए जाने को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश है। धान की रोपाई व पौध सिंचाई के समय नहर क्षतिग्रस्त होने से पुजेली, चंदेली, चक चंदेली, खलाड़ी सहित कई गांवों के किसानों ने रविवार को डंपिंग स्थल पर पहुंचकर हंगामा किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर नहर की सफाई और मलबा हटाने का कार्य शुरू नहीं हुआ तो तहसील मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क कटिंग के दौरान निकाले गए भारी मात्रा के मलबे को निर्धारित स्थान पर डंप करने के बजाय सीधे सिंचाई नहर में डाल दिया गया जिससे नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई और मलबे से दब गई। इसके चलते खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है। धान रोपाई और पौध सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
काश्तकारों का कहना है कि धान रोपाई और पौध सिंचाई का यह समय खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि समय पर खेतों तक पानी नहीं पहुंचा तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग से तत्काल नहर की मरम्मत कराने, मलबा हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं दूसरी ओर उपजिला अधिकारी मुकेश रमोला ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर राजस्व उपनिरीक्षक को भेजकर कार्य रुकवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच स्वयं उनके द्वारा की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों में श्यालिक राम नौटियाल, ग्राम प्रधान चंदेली प्रदीप सिंह राणा, गोविंदराम नौटियाल, कुंदन सिंह सजवाण, भरत सिंह असवाल, रविंद्र सिंह सजवाण, राजेंद्र सजवाण, सुनील रावत मौजूद रहे।
धान की रोपाई और पौधों की सिंचाई नहीं होने से हो रही है दिक्कत
पुरोला। पुरोला-चंदेली सिंचाई नहर में सड़क कटिंग का मलबा डंप किए जाने को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश है। धान की रोपाई व पौध सिंचाई के समय नहर क्षतिग्रस्त होने से पुजेली, चंदेली, चक चंदेली, खलाड़ी सहित कई गांवों के किसानों ने रविवार को डंपिंग स्थल पर पहुंचकर हंगामा किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर नहर की सफाई और मलबा हटाने का कार्य शुरू नहीं हुआ तो तहसील मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क कटिंग के दौरान निकाले गए भारी मात्रा के मलबे को निर्धारित स्थान पर डंप करने के बजाय सीधे सिंचाई नहर में डाल दिया गया जिससे नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई और मलबे से दब गई। इसके चलते खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है। धान रोपाई और पौध सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
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काश्तकारों का कहना है कि धान रोपाई और पौध सिंचाई का यह समय खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि समय पर खेतों तक पानी नहीं पहुंचा तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग से तत्काल नहर की मरम्मत कराने, मलबा हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं दूसरी ओर उपजिला अधिकारी मुकेश रमोला ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर राजस्व उपनिरीक्षक को भेजकर कार्य रुकवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच स्वयं उनके द्वारा की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों में श्यालिक राम नौटियाल, ग्राम प्रधान चंदेली प्रदीप सिंह राणा, गोविंदराम नौटियाल, कुंदन सिंह सजवाण, भरत सिंह असवाल, रविंद्र सिंह सजवाण, राजेंद्र सजवाण, सुनील रावत मौजूद रहे।