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Biofuel Mixing in Diesel: Hardeep Singh Puri dispels rumors regarding biofuel blending!
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Biofuel Mixing in Diesel: बायोफ्यूल ब्लेंडिंग पर हरदीप सिंह पुरी ने खोली अफवाहों की पोल!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sun, 05 Jul 2026 04:30 AM IST
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बायोफ्यूल ब्लेंडिंग और इथेनॉल के उपयोग को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बायोफ्यूल ब्लेंडिंग को लेकर विभिन्न प्रकार की बातें सोशल मीडिया पर सामने आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आलोचना का हमेशा स्वागत करती है और यदि किसी को लगता है कि सरकार के कामकाज में कोई कमी है तो वह अपने सुझाव दे सकता है। सरकार हर रचनात्मक सुझाव को सुनने और आवश्यक सुधार करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने लोगों से अपील की कि वे तथ्यों और अफवाहों के बीच अंतर समझें। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि बायोफ्यूल और इथेनॉल के संबंध में दो प्रमुख अफवाहें फैलाई जा रही हैं। पहली यह कि इथेनॉल के उपयोग से ईंधन में कीड़े-मकोड़े पैदा हो जाते हैं और दूसरी यह कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से वाहन का इंजन खराब हो जाएगा या फ्यूल पंप काम करना बंद कर देगा।
उन्होंने इन दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि इथेनॉल के उपयोग की अवधारणा नई नहीं है, बल्कि इस पर दुनिया में लगभग एक सदी से काम हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फोर्ड मोटर कंपनी के संस्थापक हेनरी फोर्ड के समय में भी ऐसी कारों का विकास किया गया था जो बायोफ्यूल, केरोसिन और फॉसिल फ्यूल जैसे विभिन्न ईंधनों पर चल सकती थीं। उनका कहना था कि यदि इथेनॉल वास्तव में इंजन के लिए इतना नुकसानदायक होता, तो दुनिया के कई देशों में दशकों से इसका सफलतापूर्वक उपयोग नहीं किया जाता। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में बायोफ्यूल ब्लेंडिंग की पहल वर्तमान सरकार की नई अवधारणा नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि इसकी शुरुआती योजना कांग्रेस सरकार के समय बनाई गई थी। उन्होंने ब्राजील में वर्ष 2006 से 2008 के बीच राजदूत के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ब्राजील में इथेनॉल आधारित ईंधन का व्यापक उपयोग हो रहा था और भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहता था।
उन्होंने बताया कि उस समय केंद्र में कृषि मंत्री शरद पवार थे और देश के दस राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल में 5 प्रतिशत बायोफ्यूल ब्लेंडिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, उस समय यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका और देश केवल 1.4 प्रतिशत ब्लेंडिंग तक ही पहुंच पाया। हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया कि वर्तमान सरकार ने बायोफ्यूल और इथेनॉल ब्लेंडिंग को मिशन मोड में आगे बढ़ाया है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों और विशेषज्ञों की राय पर विश्वास करें।
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