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Arunachal Pradesh: राज्यपाल परनाइक से मिले 4 कोर के जीओसी, चीन सीमा की सुरक्षा और सीमावर्ती विकास पर की चर्चा
सार
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक से 4 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला ने मुलाकात की है। इस दौरान चीन सीमा की सुरक्षा और सीमावर्ती विकास पर चर्चा की गई है। वहीं, इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता और नियमित गश्त जरूरी है, उन्होंने सेना के सद्भावना अभियानों की सराहना भी की।
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राज्यपाल परनाइक से मिले 4 कोर के जीओसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक से सोमवार को भारतीय सेना की 4 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला ने राजभवन में शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों के बीच भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति, सीमा प्रबंधन को और मजबूत बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याण एवं संपर्क कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
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इस बैठक में राज्यपाल ने संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने और नियमित गश्त जारी रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय तथा वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना था कि समन्वित रणनीति से किसी भी उभरती चुनौती का प्रभावी और त्वरित ढंग से सामना किया जा सकता है।
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राज्यपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सेना केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं कर रही, बल्कि विभिन्न सद्भावना कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने, छात्रों को सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने जैसे प्रयासों की प्रशंसा की।
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उन्होंने कहा कि इन पहलों से दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। साथ ही स्थानीय समुदायों में विश्वास, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की भावना भी मजबूत हुई है। इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला ने राज्यपाल को 4 कोर की परिचालन तैयारियों, सीमा सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों और सीमावर्ती जिलों में चल रही विकास एवं जनसंपर्क गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारतीय सेना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ राज्य सरकार, नागरिक प्रशासन और स्थानीय लोगों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी।