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अरुणाचल : धूमधाम से मनाया गया आपातानी समुदाय का द्री महोत्सव, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का लिया संकल्प
सार
उत्सव के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा- विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना समाज की सबसे बड़ी ताकत।
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अरुणाचल प्रदेश का द्री उत्सव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के दापोरिजो में आपातानी समुदाय का प्रमुख कृषि एवं सांस्कृतिक पर्व 'द्री महोत्सव-2026' पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। टीसीएस सचिवालय परिसर में आयोजित समारोह में
जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, समुदाय के नेताओं और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
'समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान सहेजने में सफल'
द्री महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष दुयू लामपोंग और सचिव पुरा टागिया के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर सुबनसिरी के उपायुक्त तासो गाम्बो मुख्य सलाहकार रहे। दापोरिजो विधानसभा क्षेत्र के विधायक तानिया सोकी ने मुख्य संरक्षक के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए आपातानी समुदाय की अनुशासनप्रियता, बौद्धिक क्षमता और प्रगतिशील सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समुदाय आधुनिक विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सहेजने में सफल रहा है।
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जापानी समाज से की आपातानी समुदाय की तुलना
उन्होंने इसकी तुलना जापानी समाज से करते हुए कहा कि दोनों समाजों ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखते हुए उल्लेखनीय प्रगति की है, जो अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणादायी है। मुख्य अतिथि और डंपोरिजो विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोडे बुई ने कहा कि आपातानी समुदाय ने अरुणाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, सिविल सेवक और प्रशासनिक पदों पर कार्यरत लोग इसी समुदाय से आते हैं। उन्होंने युवाओं से मेहनत, समर्पण और सांस्कृतिक गौरव की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि एवं अपर सुबनसिरी के पुलिस अधीक्षक पवन कुमार यादव ने समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनुशासित जीवनशैली और सामाजिक सौहार्द की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आपातानी समाज ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा इसकी परंपराओं का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। समारोह के दौरान आपातानी समुदाय के पारंपरिक गीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रीति-रिवाजों और लोक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन आपातानी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, सामाजिक एकता को मजबूत करने और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान एवं सौहार्द को बढ़ावा देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, समुदाय के नेताओं और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
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'समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान सहेजने में सफल'
द्री महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष दुयू लामपोंग और सचिव पुरा टागिया के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर सुबनसिरी के उपायुक्त तासो गाम्बो मुख्य सलाहकार रहे। दापोरिजो विधानसभा क्षेत्र के विधायक तानिया सोकी ने मुख्य संरक्षक के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए आपातानी समुदाय की अनुशासनप्रियता, बौद्धिक क्षमता और प्रगतिशील सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समुदाय आधुनिक विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सहेजने में सफल रहा है।
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जापानी समाज से की आपातानी समुदाय की तुलना
उन्होंने इसकी तुलना जापानी समाज से करते हुए कहा कि दोनों समाजों ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखते हुए उल्लेखनीय प्रगति की है, जो अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणादायी है। मुख्य अतिथि और डंपोरिजो विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोडे बुई ने कहा कि आपातानी समुदाय ने अरुणाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, सिविल सेवक और प्रशासनिक पदों पर कार्यरत लोग इसी समुदाय से आते हैं। उन्होंने युवाओं से मेहनत, समर्पण और सांस्कृतिक गौरव की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि एवं अपर सुबनसिरी के पुलिस अधीक्षक पवन कुमार यादव ने समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनुशासित जीवनशैली और सामाजिक सौहार्द की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आपातानी समाज ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा इसकी परंपराओं का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। समारोह के दौरान आपातानी समुदाय के पारंपरिक गीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रीति-रिवाजों और लोक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन आपातानी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, सामाजिक एकता को मजबूत करने और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान एवं सौहार्द को बढ़ावा देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।