मोदी सरकार 3.0 के तीसरे और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यकाल के नौवें बजट के रूप में आम बजट 2026 पेश किया गया। इस बजट में सरकार ने जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, मैन्युफैक्चरिंग और किसानों की समृद्धि पर बड़ा फोकस दिखाया, वहीं मिडिल क्लास और शेयर बाजार निवेशकों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। बजट में कस्टम ड्यूटी कट से लेकर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट्स और MSMEs ग्रोथ फंड जैसे कई बड़े ऐलान किए गए हैं। आइए समझते हैं कि इस बजट से किस वर्ग को क्या मिला।
मिडिल क्लास: टैक्स में राहत नहीं, पर खर्च होगा कम
मिडिल क्लास को इस बजट से टैक्स राहत की सबसे ज्यादा उम्मीद थी। खासकर स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किए जाने की अटकलें थीं, लेकिन वित्त मंत्री ने इस पर कोई ऐलान नहीं किया। इस लिहाज से मिडिल क्लास को सीधी टैक्स राहत नहीं मिली।
हालांकि, कस्टम ड्यूटी में कटौती से अप्रत्यक्ष राहत जरूर दी गई है। कैंसर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों की 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इसके अलावा जूते-चप्पल, स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स पर ड्यूटी घटने से रोजमर्रा के खर्च में कुछ कमी आ सकती है।
किसान: एग्रीकल्चर और पशुपालन पर बड़ा दांव
बजट 2026 में सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने पर खास जोर दिया है। पशुपालन क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। दूध, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा, जिससे किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को फायदा होगा।
नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों के लिए कोकोनट प्रोत्साहन योजना लाई गई है, जिसके जरिए 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने का दावा किया गया है। इसके साथ ही AI एग्री टूल्स के जरिए किसानों को मौसम, फसल और बाजार से जुड़े बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी।
MSMEs: ‘चैंपियन’ बनाने की तैयारी
लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का MSMEs Growth Fund घोषित किया है। वित्त मंत्री ने साफ कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ MSMEs को जिंदा रखना नहीं, बल्कि उन्हें “चैंपियन” बनाना है। इससे स्टार्टअप्स, छोटे कारोबारी और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को पूंजी और विस्तार का मौका मिलेगा।
हेल्थ और मेडिकल सेक्टर: रोजगार और रिसर्च पर फोकस
हेल्थ सेक्टर इस बजट का बड़ा विजेता बनकर उभरा है। सरकार ने 5 मेडिकल हब विकसित करने का ऐलान किया है, जहां प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी होगी। यहां आयुष सेंटर, डायग्नोस्टिक सर्विसेज, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके साथ ही 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट्स बनाने की घोषणा की गई है, जिससे मेडिकल रिसर्च और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात और बायो-फार्मा स्कीम पर भी जोर दिया गया है।
जवान और रक्षा: रिकॉर्ड बजट आवंटन
रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं, जो पिछले साल से काफी ज्यादा है। सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर सरकार का फोकस साफ दिखा।
खिलाड़ी: खेलो इंडिया को 10 साल की मजबूती
स्पोर्ट्स सेक्टर में सरकार ने खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत करने का ऐलान किया है। ट्रेनिंग सेंटर्स, कोचिंग, सपोर्ट स्टाफ और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं पर निवेश किया जाएगा। खेल के सामानों पर कस्टम ड्यूटी घटने से खिलाड़ियों को भी राहत मिलेगी।
महिलाएं और छात्राएं: आत्मनिर्भरता पर जोर
ग्रामीण महिलाओं के लिए SHE (Self-Help Entrepreneur) मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जहां महिला उद्यमी अपने उत्पाद बेच सकेंगी। वित्त मंत्री ने लखपति दीदी योजना की सफलता का भी जिक्र किया। इसके अलावा देश के करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे।
विदेश में पढ़ाई और इलाज सस्ता
विदेश में पढ़ाई और मेडिकल ट्रीटमेंट कराने वालों के लिए सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है, जिससे एजुकेशन और मेडिकल खर्च पर बोझ कम होगा।
निवेशक: शेयर बाजार को झटका
इस बजट का सबसे बड़ा झटका शेयर बाजार निवेशकों को लगा। सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया। इसका असर बाजार में तेज गिरावट के रूप में दिखा और निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
मैन्युफैक्चरिंग: ‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए EMS सेक्टर में 40,000 करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया गया है। PLI स्कीम का बजट दोगुना होने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में उत्साह देखा गया।
कुल मिलाकर, बजट 2026 विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर केंद्रित दिखता है, लेकिन टैक्स राहत की उम्मीद लगाए बैठे मिडिल क्लास और निवेशकों को निराशा जरूर हुई है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।