Hindi News
›
Video
›
India News
›
Delhi Air Pollution: On Delhi pollution, Chief Minister Rekha Gupta told in the Assembly how pollution will be
{"_id":"69616503b9761ee6eb0772bf","slug":"delhi-air-pollution-on-delhi-pollution-chief-minister-rekha-gupta-told-in-the-assembly-how-pollution-will-be-2026-01-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"Delhi Air Pollution:दिल्ली प्रदूषण पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में बताया कैसे कम होगा प्रदूषण !","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Delhi Air Pollution:दिल्ली प्रदूषण पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में बताया कैसे कम होगा प्रदूषण !
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sat, 10 Jan 2026 06:30 AM IST
Link Copied
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में (जनवरी 2026) विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण केवल सर्दियों की नहीं बल्कि 12 महीने की समस्या है और इसे कम करने के लिए सरकार "मिशन मोड" पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य है। वर्तमान में शहर में 3,500 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, जिन्हें 2026 के अंत तक बढ़ाकर 7,500 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, मेट्रो स्टेशनों पर अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए 2,300 ई-ऑटो तैनात किए गए हैं। सड़कों की धूल कम करने के लिए पूरे वर्ष (मानसून को छोड़कर) 1,000 वॉटर स्प्रिंकलर और 140 एंटी-स्मॉग गन संचालित की जा रही हैं। रिंग रोड जैसी मुख्य सड़कों की मशीनों से सफाई और धुलाई नियमित अंतराल पर की जा रही है। दिल्ली के 13 प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट पर बिजली के खंभों पर मिस्ट स्प्रेयर (Mist Sprayers) लगाए गए हैं। साथ ही, 3,000 वर्ग मीटर से बड़े वाणिज्यिक भवनों और होटलों के लिए एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों (End-of-Life Vehicles) को रोकने के लिए बॉर्डर्स पर ANPR कैमरे लगाए गए हैं। 1 नवंबर से दिल्ली में केवल BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रवेश की ही अनुमति दी जा रही है। साथ ही, PUCC केंद्रों का हर छह महीने में ऑडिट किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार रुक सके।
मुख्यमंत्री ने 2028 तक लैंडफिल साइटों (कूड़े के पहाड़ों) को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। भलस्वा, ओखला और गाजीपुर में बायो-माइनिंग के जरिए पुराने कचरे का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है ताकि कूड़े के पहाड़ों में लगने वाली आग से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके।
निर्माण स्थलों (500 वर्ग मीटर से बड़े) के लिए DPCC पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रदूषण की निगरानी के लिए AI और मशीन लर्निंग आधारित टूल्स का उपयोग किया जा रहा है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदूषण नियंत्रण केवल सरकार की नहीं, बल्कि एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने पिछली सरकारों के 'स्मॉग टॉवर' जैसे अस्थायी उपायों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार स्थायी बुनियादी ढांचे और जमीनी सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
हालिया समय में दिल्ली की सत्ता और प्रशासन के समीकरणों में बदलाव के बीच प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर खींचतान बढ़ी है। भाजपा नीत प्रशासन और विपक्षी आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस हो रही है कि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कौन है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने पिछले प्रशासनों (AAP और कांग्रेस) को इस संकट के लिए दोषी ठहराते हुए कहा है कि दशकों की समस्या को कुछ महीनों में ठीक करना संभव नहीं है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।