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Delhi Rohini Accident: Young man dies after falling into an open drain in Rohini, questions raised on Delhi ad
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Delhi Rohini Accident: रोहिणी में खुले नाले में गिरकर युवक की मौत, दिल्ली के प्रशासन पर उठे सवाल!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 11 Feb 2026 12:44 AM IST
रोहिणी इलाके में खुले नाले में गिरकर एक युवक की दर्दनाक मौत ने दिल्ली के प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना केवल एक व्यक्ति की जान जाने की त्रासदी नहीं है, बल्कि राजधानी में बुनियादी नागरिक सुविधाओं की बदहाल स्थिति और प्रशासन की लापरवाही का आईना भी है। बताया जा रहा है कि संबंधित इलाके में लंबे समय से नाला खुला हुआ था, न तो वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही सुरक्षा के लिए रेलिंग या ढक्कन की व्यवस्था की गई थी। बारिश या रात के समय ऐसे खुले नाले आम नागरिकों के लिए मौत का जाल बन जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी थी, परंतु हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इस हादसे के बाद एक बार फिर यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन तब ही जागता है जब कोई अनहोनी हो जाती है।
दिल्ली जैसे महानगर में, जहां स्मार्ट सिटी और विश्वस्तरीय सुविधाओं की बात की जाती है, वहां खुले नाले और टूटी सड़कों का होना प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। इस घटना ने शहरी नियोजन, रखरखाव और जवाबदेही की कमी को उजागर किया है। अक्सर देखा गया है कि हादसे के बाद जांच के आदेश दे दिए जाते हैं, मुआवजे की घोषणा कर दी जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने रहते हैं। मृतक के परिवार के लिए मुआवजा उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता, क्योंकि एक जीवन की कीमत किसी राशि से नहीं आंकी जा सकती। जरूरत इस बात की है कि दिल्ली प्रशासन और नगर निगम ऐसे हादसों को गंभीरता से लें, खुले नालों को तुरंत ढकने, नियमित निरीक्षण करने और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त कदम उठाएं। जब तक लापरवाही पर कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी और आम नागरिकों की जान यूं ही जोखिम में पड़ी रहेगी। यह हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि विकास के दावों के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
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