Hindi News
›
Video
›
India News
›
ED Raids on I-PAC in Kolkata: Mamata Banerjee's BJP raises tension over ED raid, raises a barrage of questions
{"_id":"696167affdc42de1e3001997","slug":"ed-raids-on-i-pac-in-kolkata-mamata-banerjee-s-bjp-raises-tension-over-ed-raid-raises-a-barrage-of-questions-2026-01-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"ED Raids on I-PAC in Kolkata: ED की रेड पर ममता बनर्जी की भाजपा ने बढाई टेंशन, लगाई सवालों की झड़ी!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ED Raids on I-PAC in Kolkata: ED की रेड पर ममता बनर्जी की भाजपा ने बढाई टेंशन, लगाई सवालों की झड़ी!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sat, 10 Jan 2026 04:30 AM IST
Link Copied
पश्चिम बंगाल में जनवरी 2026 में I-PAC (राजनीतिक सलाहकार फर्म) और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तीखे हमलों से घेरा है।
भाजपा ने ममता बनर्जी पर सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि उन्होंने एक केंद्रीय एजेंसी की जांच में प्रत्यक्ष रूप से बाधा डाली है। जब ED की छापेमारी चल रही थी, तब ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एक मुख्यमंत्री का जांच स्थल पर जाकर अधिकारियों को धमकाना और दस्तावेज/हार्ड डिस्क छीनकर ले जाना "अनैतिक, गैर-जिम्मेदाराना और असंवैधानिक" है। भाजपा का तर्क है कि ममता बनर्जी ने शासन के मानदंडों को ताक पर रखकर एक निजी संस्था को बचाने की कोशिश की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के अचानक वहां पहुंचने और फाइलें अपने साथ ले जाने का मतलब है कि वहां कुछ ऐसा "संवेदनशील डेटा" था जो उन्हें और उनकी पार्टी को कोयला घोटाले या मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में फंसा सकता था। भाजपा ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक पोस्ट और कार्टून साझा करते हुए कहा, "अगर बंगाल में छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो मुख्यमंत्री जांच स्थल से फाइलें सुरक्षित करने के लिए इतनी बेचैन क्यों थीं?"
जहां ममता बनर्जी इसे पार्टी की चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश बता रही हैं, वहीं भाजपा ने इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से जोड़ा है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि I-PAC का इस्तेमाल केवल चुनावी रणनीति के लिए नहीं, बल्कि संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (हवाला) के लिए भी किया जा रहा था। भाजपा ने सवाल उठाया कि एक निजी फर्म के पास तृणमूल कांग्रेस के इतने महत्वपूर्ण और गोपनीय सरकारी या राजनीतिक दस्तावेज क्यों थे कि मुख्यमंत्री को उन्हें खुद लेने जाना पड़ा?
भाजपा ने इस घटना को पश्चिम बंगाल में 'संवैधानिक मशीनरी की विफलता' करार दिया है। कुछ भाजपा नेताओं ने मांग की है कि जिस तरह से राज्य पुलिस की मदद से केंद्रीय एजेंसी के काम को रोका गया, उसे देखते हुए राज्य में अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) लगाने पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही, भाजपा ने मांग की है कि ममता बनर्जी को जांच में बाधा डालने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के लिए इस मामले में सह-आरोपी बनाया जाए।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।