Hindi News
›
Video
›
India News
›
Gig Worker Safety Row: Congress bets big on the victory of gig workers, lists the work done by state governmen
{"_id":"6966b3e7a51f90d5850a85ba","slug":"gig-worker-safety-row-congress-bets-big-on-the-victory-of-gig-workers-lists-the-work-done-by-state-governmen-2026-01-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"Gig Worker Safety Row: गिग वर्कर्स की जीत पर कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव, राज्य सरकारों के गिनाए काम!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gig Worker Safety Row: गिग वर्कर्स की जीत पर कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव, राज्य सरकारों के गिनाए काम!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 14 Jan 2026 04:30 AM IST
Link Copied
कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "जो गिग वर्कर्स हैं वो अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा हिस्सा बन गए हैं.और क्योंकि वे हमारी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का इतना बड़ा हिस्सा बन चुके हैं, वे किस परिस्थिति में काम कर रहे हैं इस पर चर्चा करना आवश्यक थी और है। इसकी पहली शुरूआत हमारे नेता राहुल गांधी ने की थी.उन्हीं की प्रेरणा से आज तेलंगाना और कर्नाटक की हमारी सरकारें गिग वर्कर्स के लिए पैकेज की घोषणा कर चुकी हैं, गिग वर्कर्स को वहां फायदा मिलता है.बहुत सारी अभी भी ऐसी चीजें हैं जो गिग वर्कर्स के लिए करनी जरूरी हैं
गिग वर्कर्स (जैसे Zomato, Swiggy, Blinkit के डिलीवरी पार्टनर्स और Ola/Uber ड्राइवर्स) के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code, 2020) के तहत नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। यह पहली बार है जब भारत में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को आधिकारिक तौर पर श्रम कानूनों के दायरे में लाया गया है। सरकार ने लाभ पाने के लिए काम के दिनों की एक न्यूनतम सीमा तय की है यदि आप केवल एक कंपनी (जैसे सिर्फ Zomato) के साथ काम करते हैं, तो आपको एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 90 दिन काम करना अनिवार्य होगा। यदि आप कई ऐप्स (जैसे Swiggy और Blinkit दोनों) पर काम करते हैं, तो कुल मिलाकर 120 दिन का काम जरूरी है। यदि आपने किसी दिन केवल 1 रुपया भी कमाया है, तो उसे एक 'वर्किंग डे' (काम का दिन) गिना जाएगा। एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप में, केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रमुख कंपनियों (जैसे Blinkit, Zepto, Zomato) ने अपने '10 मिनट में डिलीवरी' के वादे को ब्रांडिंग से हटाने का निर्णय लिया है। गिग वर्कर्स पर समय का दबाव कम करना और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को घटाना।
डिजिटल आईडी: सभी पात्र गिग वर्कर्स को सरकार द्वारा एक डिजिटल पहचान पत्र (Universal Account Number) दिया जाएगा। 16 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी गिग वर्कर आधार के माध्यम से 'ई-श्रम' पोर्टल पर पंजीकरण करा सकता है। अब एग्रीगेटर कंपनियों (Aggregators) के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने साथ काम करने वाले वर्कर्स का डेटा सरकार के साथ साझा करें। सरकार एक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष बनाएगी, जिसमें पैसा यहाँ से आएगा एग्रीगेटर कंपनियों को अपने सालाना टर्नओवर का 1% से 2% या गिग वर्कर्स को किए जाने वाले भुगतान का 5% तक इस फंड में जमा करना होगा। इस फंड का उपयोग वर्कर्स के लिए दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य लाभ (आयुष्मान भारत के तहत), मातृत्व लाभ और वृद्धावस्था सुरक्षा (पेंशन) के लिए किया जाएगा। कंपनियों को अब आंतरिक विवाद समाधान समितियां (Internal Dispute Resolution Committees) बनानी होंगी। श्रमिकों की आईडी को बिना किसी ठोस कारण या बिना सूचना के ब्लॉक करने पर रोक लगाने के प्रस्ताव भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य इन सभी नियमों को 1 अप्रैल, 2026 से पूरे देश में एक साथ लागू करना है। फिलहाल इन ड्राफ्ट नियमों पर जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।