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Lakhpati Bitiya Yojana: Ladli Yojana will be closed in Delhi, Chief Minister Rekha Gupta announced a new schem
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Lakhpati Bitiya Yojana: दिल्ली में बंद होगी लाडली योजना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया नई योजना का एलान!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 11 Feb 2026 04:30 AM IST
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "हम लाडली योजना को बंद कर देंगे और इसकी जगह नई योजना खोलेंगे जिसका नाम होगा दिल्ली लखपति बिटिया योजना। जिसमें हम हर बच्ची को जो दिल्ली की निवासी है जिसका परिवार दिल्ली में रहता होगा उनके घर की 2 बच्चियों को लाभ देंगे। इसमें 20 हजार की राशि बढ़ाई जाएगी। पहले जो 36000 था उसे हमने 56000 किया है। 12वीं में पहुंचने पर नहीं ग्रेजुएशन करने पर आपको ये मैच्योरिटी मिलती है जिसमें कम से कम 1 लाख मिलेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि दिल्ली की सभी बेटियां जो इसमें आती हैं उन्हें इसमें जोड़ा जाए। हम कुछ शर्ते लगाएंगे। 18 साल से पहले अगर मां-बाप उसकी शादी करते हैं तो इस योजना का लाभ उसे नहीं मिलेगा।"
दिल्ली में लाडली योजना को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम से इससे जुड़ा एक बड़ा एलान सामने आने की बात कही जा रही है। चर्चा है कि राजधानी में लंबे समय से चल रही लाडली योजना को बंद करने पर विचार किया जा रहा है और उसकी जगह एक नई योजना लाने की घोषणा की गई है। लाडली योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता देना रहा है, जिससे लाखों परिवारों को लाभ मिला। ऐसे में इस योजना को बंद करने की खबर ने आम लोगों, खासकर महिलाओं और अभिभावकों के बीच चिंता और सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि मौजूदा योजना में कई खामियां हैं और इसका लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा, इसलिए सरकार एक नई, अधिक प्रभावी और पारदर्शी योजना लाने जा रही है।
उनके अनुसार नई योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को भी प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि लाडली जैसी सामाजिक कल्याणकारी योजना को बंद करना गरीब और मध्यम वर्ग की बेटियों के हितों के खिलाफ है और सरकार को सुधार के नाम पर इसे खत्म नहीं करना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि नई योजना की घोषणा केवल राजनीतिक रणनीति हो सकती है और इसका उद्देश्य पुरानी सरकार की योजनाओं को कमजोर करना है। वहीं, सरकार समर्थकों का तर्क है कि समय के साथ योजनाओं में बदलाव जरूरी होता है और अगर नई योजना ज्यादा व्यापक और लाभकारी है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लाडली योजना तुरंत बंद होगी या चरणबद्ध तरीके से उसे नई योजना में समाहित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी योजना को खत्म करने से पहले उसके लाभार्थियों के हितों की सुरक्षा जरूरी है, ताकि बीच में किसी को नुकसान न पहुंचे। दिल्ली में लाडली योजना को लेकर उठे इस विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सामाजिक योजनाओं में निरंतरता ज्यादा जरूरी है या बदलाव। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से नई योजना का पूरा खाका सामने आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह फैसला दिल्ली की बेटियों के लिए कितना लाभकारी साबित होगा।
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