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MGNREGA vs VB G RAM G: What did VB-G-RAM-G say on raising the issue of corruption in MNREGA?
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MGNREGA vs VB G RAM G: मनरेगा में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर VB-G-RAM-G क्या बोले शिवराज?
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 14 Jan 2026 01:36 AM IST
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हाल ही में संसद में VB-G-RAM-G (विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन - ग्रामीण) बिल, 2025 पारित हुआ है, जिसने 20 साल पुराने 'मनरेगा' (MGNREGA) का स्थान लिया है। केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में इस बिल का पुरजोर समर्थन किया और इसे "ग्रामीण विकास का नया अध्याय" बताया।अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी।
खेती के पीक सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान इस योजना को अधिकतम 60 दिनों के लिए स्थगित किया जा सकेगा। शिवराज सिंह जी ने तर्क दिया कि इससे किसानों को मजदूर मिलने में आसानी होगी और खेती का काम प्रभावित नहीं होगा। अब केवल 'गड्ढे खोदने' के बजाय जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आजीविका से जुड़ी स्थायी संपत्तियों (Permanent Assets) के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। इसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग और AI का उपयोग किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके और भुगतान सीधे बैंक खातों में समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बिना विकसित गांवों के 'विकसित भारत' का सपना पूरा नहीं हो सकता। यह बिल पंचायतों को सशक्त बनाएगा ताकि वे खुद अपने विकास का रोडमैप तैयार कर सकें।
नाम पर विवाद का जवाब: विपक्ष द्वारा 'महात्मा गांधी' का नाम हटाने के विरोध पर उन्होंने कहा कि "गांधी जी के आदर्शों पर चलना महत्वपूर्ण है, केवल नाम जपना नहीं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल की भावना गांधी जी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना से प्रेरित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी मौजूदा मनरेगा कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। बल्कि उन्हें अब 25 दिन का अतिरिक्त काम और बेहतर सेवा शर्तें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के फंड का दुरुपयोग होता था, लेकिन अब 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए "एक पैसा भी इधर-उधर नहीं होने दिया जाएगा।"
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